आधा दर्जन अफसरों से छिनी जिलों की कमान, रिटायरमेंट से पहले बुलाया PHQ
भोपाल
प्रदेश सरकार की नजर में पांच पुलिस अधीक्षक खरे नहीं उतरे इसलिए उनसे जल्द ही जिलों की कमान वापस ले ली। शनिवार को 11 जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए, इनमें से आधा दर्जन पुलिस अधीक्षक ऐसे थे जो 6 महीने से डेढ़ साल के बीच ही जिले में काम कर सके। इनके काम-काज से सरकार खुश नहीं थी। नतीजे में कम समय में ही उन्हें बदल दिया गया। वहीं दो रेंज के आईजी इसी महीने के अंत में रिटायर होने वाले हैं, इसलिए उन्हें भी पुलिस मुख्यालय बुला लिया गया। सबसे कम समय निवाड़ी और अलीराजपुर एसपी का रहा।
निवाड़ी एसपी आलोक कुमार सिंह और अलीराजपुर एसपी विजय भगवानी को इसी साल फरवरी में जिले की कमान दी थी। ये दोनों अफसर महज 6 महीने ही इन जिलों में रहे। दोनों ही अफसरों को फिलहाल जिले में नहीं भेजा गया है। आलोक कुमार सिंह को 14वीं वाहिनी ग्वालियर भेजा गया है। जबकि पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया है। इन दोनों जिलों में उपचुनाव भी होना है। इसी तरह रीवा एसपी राकेश कुमार सिंह पिछले साल जून में पुलिस अधीक्षक बनाए गए थे। इसी तरह जून में निमिष अग्रवाल को बड़वानी का पुलिस अधीक्षक बनाया गया था। राकेश कुमार सिंह को 13वीं वाहिनी और निमिष अग्रवाल को पीटीएस इंदौर भेजा गया है। वहीं मंदसौर एसपी सिद्धार्थ चौधरी पिछले साल मई में एसपी बनाए गए थे।
दो रेंज के आईजी को रिटायरमेंट के कुछ दिनों पहले पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। जबलपुर आईजी बीएस चौहान और होशंगाबाद आईजी जितेंद्र सिंह कुशवाह तीस सितम्बर को रिटायर हो रहे हैं। इन दोनों अफसरों इसलिए रेंज से हटाकर पुलिस मुख्यालय बुलाया गया है। वहीं एडीजी उज्जैन योगेश देशमुख रेंज की जगह पर भोपाल में पदस्थापना चाहते थे।
हालांकि इन पांच अफसरों के अलावा इसी साल जनवरी में कटनी एसपी बनाकर भेजे गए मयंक अवस्थी को सीहोर जिले की कमान दी गई है, वहीं पिछले साल जुलाई में उमरिया एसपी बनाए गए विकास कुमार सहवाल को रायसेन जिले की कमान दी गई है।

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