Tuesday, October 20th, 2026

कलेक्टर ने मंडला में फुल्की पर लगाया गया प्रतिबंध

 मंडला
 जिला मुख्यालय से लेकर चिरईडोंगरी क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में गोलगप्पे (फुल्की) ने कोहराम मचा दिया है। यहां फुल्की खाने के बाद फूड पाइजनिंग का शिकार हो कर लोग बीमार हो गए। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए फुल्की बेचने वाले एवं इसे बनाने का समान बेचने वालों पर कार्रवाई की है। साथ ही जिले में चाट-फुल्की के विक्रय पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया है।

फूड पॉइजनिंग से एक गंभीर

जिला मुख्यालय के राधाकृष्णन वार्ड एवं सरदार पटेल वार्ड और नारायणगंज ब्लॉक के चिरईडोंगरी क्षेत्र के मंगलगंज, कोंड्रा, सहजनी, लालपुर, भावल सहित अन्य गांवों में फेरी लगाकर फुल्की बेचने वाले दो भाइयों से फुल्की खाने के बाद 57 बच्चे एवं 2 गर्भवती महिलाओं सहित करीब 115 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। जो जिला अस्पताल एवं नारायणगंज स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करा रहे है। इसमें 1 बच्चा गंभीर अवस्था में है जिसे जबलपुर के मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है।

मौसमी व्यवसाय करते हैं आरोपी

घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई और फुल्की खाने से बीमार हुए लोगों के बताए अनुसार फुल्की बनाने वालों की सर्चिंग की गई। इसमें पाया गया कि रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे हीरालाल की जमीन में लगभग 15-20 वर्षों से 6-7 परिवार रहते हैं, जो मूलरूप से जालौन उरई उत्तरप्रदेश के निवासी हैं। ये लोग पूरे जिले में भ्रमण कर फुल्की, आईस्क्रीम का मौसमी व्यवसाय करते हैं। इनके संबंध में मकान मालिक द्वारा कोई सूचना थाने में नहीं दी गई। पूछताछ में मकान मालिक के पास इनके कोई पहचान पत्र भी नहीं मिले।

 

#फुल्की

Source : Agency

पाठको की राय