स्वास्थ्य केंद्रों में पसरी अव्यवस्थाओं को पटरी पर लाने सीएमएचओ सख्त
जबलपुर जिले के शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों में पसरी अव्यवस्थाओं को पटरी पर लाने व काम के प्रति लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुररिया ने सख्ती दिखाना शुरू कर दी है। इसके लिए जिले के सभी विकासखंड एवं शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के समय सीमा में क्रियान्वयन और मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तर से विकासखंड प्रभारी अधिकारी (ब्लॉक ओआईसी) की तैनाती कर दी है। विकासखंड प्रभारी अधिकारी के तौर पर नियुक्त किए गए ये अधिकारी अपने-अपने विकासखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है या नहीं इसकी भी मॉनीटरिंग करेंगे।
बेहतर उपचार पहली प्राथमिकता: डॉ. कुररिया
इस संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुररिया ने बताया, कि वर्तमान में विभाग की प्राथमिकता है सीएम हेल्पलाइन निराकरण। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले हर मरीज को बेहतर उपचार मुहैया कराया जाए, ताकि आमजन की शिकायतों को हम दूर कर सकें। उन्होंने बताया, कि आठ हेल्थ इंडिकेटर जिनके आधार पर जिले की रैंकिंग राज्य स्तर पर तय हो रही है इसके लिए मैंने सभी विकास खंड प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया है, कि वे विकासखंड का भ्रमण कर समय-समय पर विकासखंड की एवं सेक्टर की बैठक में शामिल हो और रिपोर्ट बनाकर जिला मुख्यालय को भेजें।
कहां हुई किस अफसर की तैनाती
सीएमएचओ ने पाटन के लिए डीएचओ-1 डॉ. डी मोहंती, शाहपुरा के लिए डीएचओ-2 डॉ. केके वर्मा, पनागर के लिए डीआईओ डॉ. एसएस दहिया, मझौली के लिए डीएमओ डॉ. राकेश पहारिया, कुंडम के लिए डीटीओ डॉ. धीरज दबंडे, बरगी के लिए डीएमओ (डिस्ट्रिक मीडिया अधिकारी) अजय कुरील, सिहोरा व जबलपुर शहर के लिए डीपीएम विजय पांडेय को नियुक्त किया है।

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