CM शिवराज का महिला स्वसहायता समूह संवाद में ऐलान उत्पादों की बिक्री को बनाएंगे मजबूत
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिला स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों की आनलाइन और आफलाइन बिक्री को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने महिला समूह की बहनों से संवाद करते हुए पूछा कि वे एक साल में, एक माह में कितनी कमाई कर लेती हैं? कुछ बहनों द्वारा दी गई मेहनत और कमाई की प्रशंसा करते हुए सीएम चौहान ने कहा कि यह चमत्कार से कम नहीं है कि उन्हें फोन पर भी आर्डर मिलते हैं और पूरा भुगतान मिल जाता है। कभी पैसा नहीं अटकता है।
मुख्यमंत्री ने महिला समूहों की भावी कार्ययोजनाओं की जानकारी लेते हुए उन्हें और सक्षम बनाने के लिए सरकार की ओर से हर संभव सहयोग की बात कही। इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों से संवाद के लिए मुख्यमंत्री निवास आमंत्रित की गई महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों के बीच पहुंचे और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री चौहान ने सदी की भीषणतम महामारी कोरोनावायरस का सामना करने में स्व सहायता समूहो द्वारा निभाई गई भूमिका पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर स्व सहायता समूह के बढ़ते कदमों पर केंद्रित प्रदर्शनी भी देखी। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन से कार्यक्रम आरंभ किया गया। मध्य प्रदेश गान का वादन भी हुआ। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने स्मार्ट उद्यान में टीकमगढ़ ,सतना और बड़वानी के महिला स्व सहायता संमूह की सदस्यों के साथ पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री ने बादाम, करंज तथा पारिजात के पौधे लगाएं।
कार्यक्रम में शामिल हुई स्वसहायता समूह की महिला कार्यकर्ताओं का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस मौके पर महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। शहडोल जिले के सोहागपुर की मीरा ने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि 12 दिन के बच्चे को लेकर मायके आ गई थी। बाद में समूह से जुड़कर न सिर्फ अपना उद्यम स्थापित किया बल्कि अब दूसरों की भी मदद कर रही है। आने वाले दिनों में 300 उद्यम लगवाने की तैयारी में जुटी है। श्योपुर जिले की कराहल निवासी कमली बाई ने पौधे लगाकर अपना आर्थिक उत्थान करने और बाद में औरों की मदद की दास्तां सुनाई। इसके अलावा प्रभाबाई राठौर और आशा उइके ने भी आजीविका मिशन के जरिये अपनी और गांव की महिलाओं के समूह के विकास की गाथा सुनाई।
मध्य प्रदेश में स्वसहायता समूहों का व्यापक पहुंच है। बड़ी संख्या में समूह सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कार्यरत हैं। प्रदेश के 44 हजार ग्रामों में 3.33 लाख समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों से लगभग 37.94 लाख परिवारों को जोड़ा जा चुका है। इनमें से 13 लाख परिवारों को कृषि आधारित और 4.90 लाख परिवारों को गैर कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है। पंचायत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कुछ क्रेता-विक्रेता ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से अपनी बात रखी। कुछ जिलों में समूहों द्वारा नये उत्पादों का निर्माण शुरू किया गया है, जिन्हें मुख्यमंत्री चौहान द्वारा लांच किया गया।
महिला समूहों ने कोरोना से बचाव, उपचार सहायता, टीकाकरण कराने के लिये समझाइश, किल कोरोना अभियान में सहयोग, दवा वितरण, एम्बुलेंस, उपचार संस्थाओं तक पहुंचाने में लोगों का सहयोग एवं मार्ग दर्शन करने का कार्य किया है। कोरोना वॉरियर्स के रूप में किए इन सभी कार्यों के संबंध में लगाई गई प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री चौहान ने अवलोकन किया। यह जानकारी भी दी गई कि लॉकडाउन से लेकर अब-तक लगभग 2 करोड मास्क, डेढ़ लाख पीपीई किट, 1.60 लाख लीटर सेनेटाइजर, 33 हजार लीटर हैण्डवॉश एवं लगभग 8 लाख से अधिक साबुन निर्माण कर इन समूहों द्वारा सप्लाई किया जा चुका है। कोरोना को लेकर प्रदेश में लगातार सतर्कता बरती जा रही है।
पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री हर सप्ताह समीक्षा करते हैं कि महिला समूहों के काम में दिक्कत तो नहीं है। उनके कामकाज में कोई परेशानी तो नहीं हो रही है। उनकी आर्थिक स्थिति सुधार के लिए किए जाने वाले कामों की जानकारी लेते हैं। मुख्यमंत्री के मन में महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक उत्थान की तड़प है। महिला समूहों द्वारा जो प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं, उन्हें पोर्टल पर डालकर सिर्फ प्रदेश, देश नहीं बल्कि दुनिया के बीच पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कार्यक्रम में मंत्री रामखेलावन पटेल, प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, महिला मोर्चा अध्यक्ष माया नारोलिया, निशा सक्सेना समेत प्रदेश भर से आई महिला स्वसहायता समूहों की अध्यक्ष मौजूद रहीं।

पाठको की राय