शराबबंदी की समीक्षा के लिए ढाई हजार महिलाओं से संवाद करेंगे सीएम नीतीश, दिखाई जाएगी सफलता की कहानी
पटना
साल 2016 से बिहार में लागू शराबबंदी को लेकर अब प्रदेश की नीतीश सरकार समीक्षा करने में जुटी है। इसके लिए महिलाओं से बात करने का कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। 27 फरवरी को, नालंदा और पटना जिले कुछ महिलाएं 27 फरवरी को राज्य की राजधानी में होने वाले एक समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने अनुभव साझा करेंगी।
हालांकि ग्रामीण विकास विभाग की बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना (बीआरएलपी) की जीविका दीदी की संख्या को मिलाकर 2,500 ग्रामीण महिलाओं को शहर के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन लगभग आधा दर्जन महिलाओं को अवसर मिलेगा कि वे शराबबंदी के बाद अपने जीवन के अनुभवों को साझा करेंगी।
इसके अलावा वे इस अवसर पर दहेज और बाल विवाह से संबंधित अपने अनुभव और इन बुरी सामाजिक प्रथाओं के खिलाफ सरकार की पहल के प्रभाव को भी साझा करेंगे। इसके अलावा, ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की कहानियां और शराब, दहेज और बाल विवाह के खिलाफ उनकी लड़ाई से जुड़ी सफलता की कहानियों को भी कई तस्वीरों के माध्यम से बताया जाएंगी, जिन्हें कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित किया जाएगा।

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