Friday, October 23rd, 2026

स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण: 87 हजार स्थानों का भ्रमण करेगी टीम

भोपाल
प्रदेश में अब नगरीय निकायों की तर्ज पर गांवों का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसे स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण (एसएसजी) नाम दिया गया है। इन गांवों की आबादी के आधार पर स्वच्छता रैंकिंग भी तय की जाएगी और आने वाले दिनों में जिस तरह से शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार सहयोग देती है, उसी तरह से गांवों को भी स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

केंद्र सरकार की इस योजना पर अमल के लिए पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कार्यवाही शुरू करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। एसएसजी देश भर में ओडीएफ के साथ मध्यस्थ के तौर पर जुड़कर परिणामों की गति बढ़ाने का काम करेगा। एसएसजी 2021 के तहत देश भर के 698 जिलों के 17475 गांवों को कवर किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन चरण-2 के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण, स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण का उद्देश्य देश में ओडीएफ के साथ मध्यस्थ के तौर पर जुड़कर परिणामों की गति बढ़ाने का समर्थन करना है। सर्वेक्षण 2021 के संचालन के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी को काम पर रखा गया है। सर्वेक्षण के हिस्से के रूप में गांवों, जिलों और राज्यों को प्रमुख मापदंडों का उपयोग करके रैंकिंग किया जाएगा। केंद्र सरकार ने कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसएसजी) सिर्फ एक रैंकिंग एक्सरसाइज नहीं है बल्कि जनांदोलन बनाने के लिए एक वाहक है।

ग्रामीण स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए जाने वाले इस कार्यक्रम में सर्वेक्षण के लिए तय किए गए गांवों के 87250 सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूलों, आंगनबाड़ियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों, हाट, बाजारों, धार्मिक स्थलों का दौरा किया जाएगा। एसबीएम से संबंधित मुद्दों पर प्रतिक्रिया के लिए लगभग 174750 परिवारों का मत लिया जाएगा। साथ ही नागरिकों को इस उद्देश्य के लिए विकसित एक एप्लिकेशन का उपयोग करके स्वच्छता संबंधी मुद्दों पर आॅनलाइन फीडबैक देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

 

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Source : Agency

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