Sunday, October 25th, 2026

गुना शिकार मामले में फॉरेस्ट अधिकारियों को क्लीन चिट

भोपाल
गुना जिले के आरोन के जंगल में हिरण व मोर शिकार और तीन पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में फॉरेस्ट विभाग ने अपने अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी है। वनविभाग के पीसीसीएफ रमेश गुप्ता ने कहा कि इस पूरे मामले में अभी तक फॉरेस्ट विभाग के किसी भी अधिकारी कर्मचारी की कोई गलती सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल हम पुलिस विभाग के साथ को-आॅर्डिनेशन से इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। हमारी ओर से पूरा सहयोग उन्हें किया जा रहा है। इधर, शिवपुरी सीसीएफ पालीवाल और गुना डीएफओ रैकवार इस पूरे मामले में बात करने से बचते नजर आ रहे हैं। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने भी इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया है। गौरतलब है कि इस पूरे मामले में अब तक पुलिस विभाग की ओर से ही कार्रवाई की गई है और सरकार की ओर से ग्वालियर आईजी अनिल शर्मा को ही हटाया गया है। उनके स्थान पर एडीजी श्रीनिवास वर्मा को भेजा गया है।

ये उठ रहे सवाल
चूंकि पुलिस पर हमले के साथ-साथ वन्यप्राणियों का भी शिकार किया हुआ है। इसमें स्थानीय वन विभाग की विफलता भी सामने आ रही है। यह बड़ा घटनाक्रम है कि जंगल में शिकार करने गए शिकारियों के हमले में तीन पुलिसकर्मियों को जान गंवानी पड़ी। इसके लिए पुलिस से पहले वन विभाग के अधिकारी जिम्मेदार बताए जा रहे हैं।

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स अलर्ट
शिकारियों के हमले के बाद स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स सक्रिय हो गया है। गुना, ग्वालियर की टीमों को सक्रिय किया है। एसटीएसएफ ने फिलहाल गुना समेत आसपास जिलों में उन शिकारियों को तलब कर पूछताछ शुरू कर दी है जिन्होंने पूर्व में शिकार की घटनाओं को अंजाम दिया था। इधर गुना पुलिस ने भी वन विभाग से शिकार व जंगलों में वनों की कटाई से जुड़े बदमाशों की सूची मांगी है।

 

Source : Agency

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