छत्तीसगढ़-बलौदा बाजार में सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा गर्भवतियों का भरोसा, छह माह में 8500 से अधिक सुरक्षित प्रसव
बलौदा बाजार।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में गर्भवती महिलाओं का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है. यही वजह है कि वर्तमान छह महीनों की बात करें तो 8500 संस्थागत प्रसव हुए हैं, जिसमें ज्यादातर नार्मल तरीके से व 470 सिजेरियन ऑपरेशन हुए हैं. जिले की बात करें तो एक जिला हॉस्पिटल, एक सिविल हॉस्पिटल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व पच्चीस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं, जहां महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जाता है.
वहीं रेयर केसों में जिला हास्पिटल में ऑपरेशन की भी सुविधा है, जहां महिला चिकित्सक और उनकी पूरी टीम तैनात रहती है. पिछले दिनों जिले के ग्राम करही बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक ऐसा मामला आया, जिसमें प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला का हिम्मत बंधाते हुए नर्सों ने सुरक्षित प्रसव करवाया. शिशु का वजन चार किलोग्राम का था. इस तरह बगैर ऑपरेशन एक स्वस्थ शिशु ने यहाँ जन्म लिया. जिले में चल रही मातृत्व सुख योजना के संबंध में हमने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व सिविल चिकित्सालय का जायजा लेने के साथ महिलाओं व परिजनों से बातचीत भी की, जिसमें उन्होंने शासन की योजनाओं का पूर्ण लाभ मिलने तथा चिकित्सालय में डॉक्टर व नर्सो के व्यवहार को बहुत अच्छा बताया. जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने बताया कि गांव-गांव में मितानिनों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसके साथ एम्बुलेंस की सुविधा भी दी जा रही है, जिसका परिणाम है कि हम अप्रैल से अभी तक 8500 संस्थागत सुरक्षित प्रसव कराने में सफल हुए हैं. बलौदाबाजार सिविल हास्पिटल की बात करें तो छह महीनों में यहाँ 1100 प्रसव हुए हैं. इसके साथ स्वास्थ्य केन्द्र और प्राइवेट अस्पतालों में भी स्वस्थ शिशुओं का जन्म हुआ है. सुरक्षित संस्थागत प्रसव के बाद महिलाओं को 1400 रुपये भी उनके खाते में दिया जा रहा है. इसके अलावा महीने के 9 व 24 तारीख को विशेष जांच भी किया जाता है.
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