Sunday, October 25th, 2026

चंडीगढ़: सुखना लेक में मरने लगी मछलियां, झील से नाता टूटते ही चली गई जान, विभाग कर रहा जांच

चंडीगढ़
सुखना लेक (Sukhna Lake) को चंडीगढ़ (Chandigarh) की लाइफलाइन कहा जाता है। यह केवल शहर के लोगों की लाइफलाइन नहीं है बल्कि लेक के जलीय जीवों और वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी के वन्य जीवों का इससे गहरा नाता है। इन दिनों हो रही तेज बरसात के बाद सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने पड़ रहे हैं। फ्लड गेट खोलकर पानी छोड़ा तो बड़ी संख्या में मछलियां भी साथ बह गईं। लेक से नाता टूटते ही इनकी जान भी चली गई। फ्लड गेट के नीचे से थोड़ा सा पानी निकल रहा था इस पानी के प्रभाव में मछलियां लेक से सुखना चौ में आती रही। चौ के पानी में जिंदगी डोर टूटने लगी तो यह वापस लेक में जाने के लिए फ्लड गेट की तरफ चढ़ने की कोशिश में लगी रही। लेकिन गेट के सामने स्लिपरी ढलान से बहकर फिर वापस आकर गिर जाती और फिर कुछ देर तक तड़पने के बाद अपने प्राण त्याग देती। इसकी जानकारी एनिमल हस्बेंड्री एंड फिशरीज डिपार्टमेंट को भी दी गई, लेकिन मछलियों की मौत का सिलसिला थम न सका। डिपार्टमेंट की टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल ले लिए हैं। अब रिपोर्ट आने पर ही मछलियों के मरने का सही कारण पता चल पाएगा। हालांकि जो बची हैं उन्हें बचाने के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।

सुखना लेक का जलस्तर फिर से बढ़ रहा
लेक का जलस्तर सुखना कैचमेंट एरिया और शिवालिक हिल्स में लगातार बारिश होने से बढ़ रहा है। लेक का जलस्तर 1162 फीट के आस-पास है। अगर इसमें .45 फीट का इजाफा और हुआ तो फ्लड गेट खोलने दोबारा से अनिवार्य हो जाएंगे। सुखना चौ में ही यह पानी खोला जाएगा। इस पानी के साथ मरी मछलियां चौ के रास्ते घग्गर नदी में पहुंच जाएंगी। यह गंदा पानी दूसरे जलीय जीवों के लिए भी खतरनाक हो जाएगा।

 

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Source : Agency

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