Twitter को केंद्र सरकार की अंतिम चेतावनी, ...वरना नतीजे के लिए तैयार रहें
नई दिल्ली
केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच तल्खी खत्म होने के बजाय बढ़ती जा रही है. सरकार के नए नियमों के बीच ट्विटर का कई नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक का हटाना बड़ा विवाद बन गया है. पहले देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अकाउंट से ब्लू टिक हटा और फिर RSS प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट के खिलाफ भी एक्शन हो गया. लेकिन अब ट्विटर के तेवर ढीले पड़े हैं और दोनों वेनकाया नायडू और मोहन भागवत के अकाउंट पर ब्लू टिक को बहाल कर दिया गया है.
केंद्र सरकार ने इन सबके बीच ट्विटर को नोटिस जारी कर उसे तत्काल नये आईटी नियमों के अनुपालन के लिए 'एक आखिरी मौका' दिया है. सरकार की ओर से आगाह किया गया है कि यदि ट्विटर इन नियमों का अनुपालन करने में विफल रहती है, तो वह आईटी कानून के तहत दायित्व से छूट को गंवा देगी.
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) ने कहा कि ट्विटर द्वारा इन नियमों के अनुपालन से इनकार से पता चलता है कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट में प्रतिबद्धता की कमी है और वह भारत के लोगों को अपने मंच पर सुरक्षित अनुभव प्रदान करने का प्रयास नहीं करना चाहती.
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा, भारत में करीब एक दशक से अधिक से परिचालन के बावजूद यह विश्वास करना मुश्किल है कि ट्विटर ने एक ऐसा तंत्र विकसित करने से इनकार कर दिया है, जिससे भारत के लोगों को उसके मंच पर अपने मुद्दों के समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उचित प्रक्रिया के जरिये हल में मदद मिलती.
मोहन भागवत का ट्विटर अकाउंट मई 2019 में बना था। ट्विटर से ब्लू टिक हटाने का मतलब होता है कि ट्विटर ने उस अकाउंट को अनवेरिफाई कर दिया है। ट्विटर के नियमों के मुताबिक, अकाउंट को सक्रिय रखने के लिए हर छह महीने में लॉग इन करना जरूरी है और प्रोफाइल को अपडेट करना जरूरी है। वहीं वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाने के बाद ट्विटर की ओर से यही सफाई दी गई थी कि वेंकैया नायडू के ट्विटर हैंडल को पिछले छह महीने में लॉग इन नहीं किया गया था। उपराष्ट्रपति और मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंटर से ब्लू टिक हटाए जाने के बाद देश भर में ट्विटर का विरोध शुरू हो गया था। जिसके बाद आखिरकार ट्विटर को अपनी गलती सुधारनी पड़ी है।
मंत्रालय ने कहा कि ये नियम हालांकि 26 मई, 2021 से प्रभावी हैं, लेकिन सद्भावना के तहत टि्वटर इंक को एक आखिरी नोटिस के जरिये नियमों के अनुपालन का अवसर दिया जाता है. उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है. अगर वह इसमें विफल रहती है, तो उसे दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी. साथ ही, उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा. नोटिस में हालांकि यह नहीं बताया गया है कि ट्विटर को इन नियमों का अनुपालन कब तक करना है.

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