रतलाम-नीमच रैलवेट्रैक को डबल करने केन्द्र की हरी झंडी
रतलाम
केन्द्र सरकार से सालों से लंबित पड़ी एक मांग को मंजूरी देते हुए रतलाम-नीमच को बड़ी सौगात दी है। केन्द्र सरकार ने रतलाम-नीमच के बीच के रेलवे ट्रैक को डबल करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है और इसके लिए 1095.88 करोड़ रुपए भी मंजूर कर दिए हैं। 2024-25 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। आर्थिक मामलों संबंधी मंत्रिमंडल समिति ने नीमच-रतलाम की करीब 132.92 किलोमीटर खंड के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। इसके निर्माण के दौरान लगभग 31.90 लाख जनदिवसों का प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा। इस परियोजना से कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से विकास होगा। परियोजना से इस क्षेत्र में पर्यटन भी बढ़ेगा।
सीमेंट बेल्ट के लिए अहम
नीमच-रतलाम लाइन रतलाम-चित्तौडगढ़ बड़ी लाइन का एक अहम भाग है, जो नीमच-चित्तौडगढ़ क्षेत्र की सीमेंट बेल्ट को उत्तर, दक्षिण और मध्य भारत से जोड़ने का काम करता है तथा काफी व्यस्तम बड़ी लाइन भी है। नीमच-चित्तौडगढ़ खण्ड के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य पहले ही प्रगति पर है और अब केन्द्र सरकार ने रतलाम-नीमच के ट्रेन ट्रैक के दोहरीकरण को भी मंजूरी दे दी है। बता दें कि साल 2016 में रतलाम मण्डल ने इस योजना के लिए प्रस्ताव भेजा था। तब इसकी लागत 918 करोड़ रुपए थी। अब इसकी मंजूरी हुई है।
- - नीमच-रतलाम ट्रेन ट्रैक दोहरीकरण को मंजूरी।
- - रेल लाइन दोहरी करण के लिए केन्द्र सरकार ने मंजूर किए 1095.88 करोड़ रुपए।
- - 132.92 किमी. का रेल ट्रैक होगा डबल ।
- - साल 2024-2025 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य।
- - इसके निर्माण से 31.90 लाख मानव दिवस के बराबर रोजगारसृजन भी होगा।
- - परियोजना के पूरे होने पर परियोजना से कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

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