Monday, October 19th, 2026

भागवतकथा सुनने से सब तीर्थों का पुण्य मिलता है : संत रामप्रसाद

ग्वालियर। जहां भागवत कथा होती है वहां समस्त तीर्थों का, समस्त नदियों का ,समस्त धर्म क्षेत्रों का आगमन होता है ।जब आप तीर्थ करने जाते हो तो एक तीर्थ का पुण्य प्राप्त करते हैं परंतु जब आप भागवत कथा में जाकर श्रवण करते हैं तो आपको सारे तीर्थों के  स्नान एवं दर्शन करने का पुण्य प्राप्त हो जाता है -उक्त विचार अंतराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के प्रमुख संत एवं वक्ता श्री रामप्रसाद जी महाराज ने लक्ष्मीगंज स्थित रामद्वारा में श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन भागवत रूपी ज्ञान गंगा बहाते हुए  व्यक्त किए।  संतश्री ने पहले दिन भागवत कथा के महात्यम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान श्रवण का अवसर मनुष्य को बड़े पुण्य से प्राप्त होता है एवं इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति की सभी जरूरतें परमात्मा पूर्ण करते हैं।  संतश्री ने आगे कहा कि भगवान की कृपा से भगवान की कथा का अवसर मिलता है, कथा के मुख्य यजमान तो निमित्त मात्र होते हैं जबकि सार्थक यजमान तो परमात्मा प्रेमी श्रोता होते हैं जिनकी सहभागिता से कथा संपन्न होती है। जिसके श्रवण से थकान उतर जाए वही कथा है, प्रभु कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर की थकान उतर जाती है। कथा श्रवण से मन में स्थिरता आती है।

भागवत सप्ताह के द्वारा हमारा चिंतन हमारा मनन हमारा सोच हमारी मन स्थितियां बदलती है। मन स्थिति बदलने की अगर कोई पाठशाला है तो वह श्रीमद् भागवत कथा है । परिस्थितियां तो वही रह सकती है लेकिन हमारी मन स्थिति ठीक होगी तो विपरीत परिस्थितियों में भी हम आनंदित रह सकते हैं यही श्रीमद्भागवत हमको सिखाती है ।  कथा का समय प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 12 बजे तक रखा गया है।

 

Source : Agency

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