Friday, October 23rd, 2026

मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र: करीब 72 घंटे कार्यवाही की जगह 44 घंटे में सिमटी, फिर भी 22 घंटे ही चली

भोपाल

मध्य प्रदेश में विधानसभा की कार्यवाही एकबार फिर हंगामे और सत्ता पक्ष-विपक्ष की कथित आपसी सहमति से एक तिहाई अवधि में ही कामकाज को पूरा करना पड़ा। बजट सत्र अधिसूचना के मुताबिक 71 घंटे 50 मिनिट की कार्यवाही तय की गई थी लेकिन 44 घंटे में सिमट गई और उसमें से भी सदन में केवल 21 घंटे 52 मिनिट में ही पूरे कामकाज को निपटा दिया गया। बजट जैसे महत्वपूर्ण काम को भी सदन ने चंद मिनिट में बिना चर्चा के पारित कर दिया। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र की 19 दिन की अवधि थी लेकिन दस दिन में ही खत्म कर दिया गया। 19 दिन में 13 दिन की बैठकें होना थी लेकिन आठ दिन बैठक करके विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। बजट सत्र में घंटे 50 मिनिट के लिए नियत था लेकिन यह समय 21 घंटे 52 मिनिट में ही खत्म कर दिया गया।

केवल 53 सवालों के ही सदन में उत्तर हुए
विधायकों ने बजट सत्र में 4518 सवाल किए थे जिनमें से 196 सवालों को निरस्त कर दिया गया। इन सवालों में से 2259 तारांकित सवालों में से 2189 तारांकित सवाल स्वीकार किए गए और 2260 अतारांकित प्रश्नों में से 2130 सवाल ही स्वीकार हुए। मगर विधायकों को सदन में केवल 53 प्रश्नों का ही जवाब मिला
 

किसी भी स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया
विधानसभा बजट सत्र में विपक्ष ने 12 स्थगन प्रस्ताव की सूचनाएं दीं लेकिन इनमें से किसी को भी ग्राह्य योग्य नहीं माना गया। इसके अलावा विधायकों के विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण माध्यम ध्यानाकर्षण सूचना में भी मात्र 14 को ग्राह्य किया गया। वहीं, नियम 267 क के 211 सूचनाएं विधायकों ने दी जिनमें से 155 अग्राह्य की गईं तो नियम 139 नियम के तहत एक लोकहित की सूचना विधानसभा में दी गई और वह भी ग्राह्य नहीं करने योग्य नहीं पाई गई। 

 

#मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र

Source : Agency

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