Thursday, October 22nd, 2026

BrahMos मामला: एक से अधिक IAF अधिकारियों पर गिरेगी गाज! पाक में जा गिरी थी मिसाइल

नई दिल्ली
पाकिस्तान में गलती से जा गिरी भारत की ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। 9 मार्च 2022 को भारत की बिना हथियार की सुपरसोनिक मिसाइल गलती से लॉन्च हो गई थी और एक उच्च स्तरीय जांच में पता चला था कि इस घटना के पीछे ब्रह्मोस यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) की गलती थी।  लेकिन अब खुलासा हुआ है कि कमांडिंग ऑफिसर के अलावा और भी कई क्रू मेंबरों की गलती का नतीजा था। इस लापरवाही के लिए भारतीय वायुसेना ने एक से अधिक अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है और इनके खिलाफ जल्द ही एक्शन लिया जाएगा। इस हादसे में पाकिस्तान में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था।

सूत्रों के हवाले से लिखा है कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (सीओआई) ने सीओ, एक ग्रुप कैप्टन-रैंक के अधिकारी (कर्नल) और अन्य को प्रथम दृष्टया इस अभूतपूर्व घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। घटनाओं के पूरे क्रम के साथ-साथ चूक व अन्य पहलुओं की जांच पूरी हो गई है। बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस, भारत और रूस का एक संयुक्त उपक्रम है। 9 मार्च की शाम करीब 7 बजे 290 किमी की दूरी की पारंपरिक (गैर-परमाणु) मिसाइल अनजाने में उत्तर भारत में एक IAF बेस के पास से लॉन्च की गई जो पाकिस्तान में जा गिरी थी। भारतीय वायुसेना ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए एक उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया था जो अब पूरी हो चुकी है।  एक रिपोर्ट में कहा था कि ब्रह्मोस यूनिट सीओ और कुछ अन्य की भूमिका "मानवीय त्रुटि" के चलते जांच के दायरे में थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि यह "कोई तकनीकी खराबी" नहीं बल्कि मिसाइल सिस्टम के इनबिल्ट मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक लॉक को ओवरराइड करना शामिल था जिसके चलते यह घटना हुई।

 

 

#BrahMos case

Source : Agency

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