Thursday, April 16th, 2026

भाजपा संगठन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की तैयारी में जुटी

नई दिल्ली

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने बूथ से लेकर अलग-अलग स्तरों पर अपनी निवर्तमान समितियों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर रही है। महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई सीट आरक्षित करने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की तैयारी के मद्देनजर भाजपा यह बदलाव करने जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश जैसे राज्य में भाजपा के 62 संगठनात्मक जिलों में कम से कम सात से आठ महिला जिला अध्यक्ष हो सकती हैं। वर्तमान में इन जिलों में एक भी महिला जिला अध्यक्ष नहीं है। ऐसे ही भाजपा ने हाल ही में बिहार में अपने राष्ट्रव्यापी संगठनात्मक चुनाव के दौरान दो महिला जिला अध्यक्षों को नियुक्त किया है।

क्याें पड़ी इसकी जरूरत?
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का मानना है कि महिला नेताओं की एक पीढ़ी को नीचे से तैयार करना जरूरी है, ताकि लोकसभा और विधानसभा की एक तिहाई सीट आरक्षित करने का कानून लागू होने पर सक्षम उम्मीदवारों की कमी कहीं बाधा न बन जाए। मामले में एक सूत्र ने यह भी बताया कि अगर अभी से इसकी तैयारी नहीं की गई तो ऐन वक्त पर पुरुष नेता कोटा भरने के लिए अपने परिवारों से जुड़ी महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे, इसलिए हमारे लिए संदेश यह है कि हमें बूथ से ऊपर हर स्तर पर महिला नेताओं को तैयार करें।

महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की कवायद
उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर भाजपा का आदर्श प्रदेश संगठन माने जाने वाले मध्यप्रदेश में अधिकतर स्थानों पर 11 सदस्यीय बूथ समितियों में कम से कम तीन महिलाओं को शामिल करने के लिए प्रयास किए गए हैं। इसी तरह पार्टी अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़ों को पर्याप्त संख्या में शामिल करके अपने संगठन में महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की कवायद में जुटी हुई है।

संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया जारी
भाजपा में इन दिनों नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने के लिए संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया जारी है। नया अध्यक्ष जेपी नड्डा की जगह लेगा। वह 2020 से अध्यक्ष पद पर हैं और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री भी हैं। नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया तब शुरू होगी, जब कम से कम आधे राज्यों में संगठनात्मक चुनाव संपन्न हो जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस महीने के अंत तक करीब 37 संगठनात्मक राज्यों में से कम से कम 30 में यह प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है।

संसद से पारित महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, जिसे महिला आरक्षण विधेयक के रूप में जाना जाता है, पिछले साल संसद द्वारा पारित किया गया था। यह राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करता है। यह प्रावधान जनगणना तथा बाद में परिसीमन कवायद के बाद लागू होगा। सरकार ने अभी तक जनगणना की घोषणा नहीं की है। आखिरी बार 2011 में जनगणना हुई थी। इस साल के अंत में जनगणना हो सकती है।

 

Source : Agency

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