बिटकॉइन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में कही बड़ी बात
नई दिल्ली
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो चुका है। सरकार देश में बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसीज को रेग्युलेट करने के लिए इस सत्र में बिल लाने जा रही है। उससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज साफ किया कि सरकार की देश में बिटकॉइन को करेंसी के रूप में मान्यता देने की कोई योजना नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री के एक वर्ग में इस तरह की चर्चा थी कि सरकार बिटकॉइन पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगा सकती है।
लेकिन वित्त मंत्री ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत सरकार बिटकॉइन के लेनदेन के आंकड़े एकत्र नहीं करती है। देश में बिटकॉइन को करेंसी के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने के लिए 'द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021' पेश करने वाली है। देश में अभी क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग के संबंध में न तो कोई प्रतिबंध है और न ही कोई नियमन की व्यवस्था है।
आरबीआई ने 2018 में क्रिप्टोकरेंसीज पर बैन लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में यह बैन हटाया था। क्रिप्टोकरेंसीज के रेग्युलेशन के लिए इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स और केंद्र के बीच बातचीत चल रही है। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक भारत में 10 करोड़ से अधिक लोगों के पास क्रिप्टोकरेंसी है। इसमें युवाओं के साथ सीनियर सिटीजंस भी शामिल हैं। भारत में क्रिप्टो ऑनर्स की संख्या अमेरिका से अधिक है। हालांकि होल्डिंग की वैल्यू के हिसाब से अमेरिका आगे है।
इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि देश में क्रिप्टोकरेंसीज पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होगा। बिटकॉइन का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक है। सरकार ने क्रिप्टोकरेंसीज को एसेट क्लास में डालने की बात कही थी। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि बिटकॉइन को एसेट क्लास में क्लासीफाई किया जा सकता है। Blockchain and Crypto Assets Council के मुताबिक भारत में 6 लाख करोड़ रुपये की क्रिप्टो एसेट्स है। जयंत सिन्हा की अगुवाई वाली Standing Committee on Finance ने क्रिप्टो एक्सचेंजेज, ब्लॉकचेन और Crypto Assets Council (BACC) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। समिति का कहना था कि क्रिप्टोकरेंसीज पर बैन नहीं लगाया जाना चाहिए बल्कि इन्हें रेगुलेट करना चाहिए।

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