Saturday, April 25th, 2026

बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके निलंबित, महिला आरक्षक ने यौन शोषण और ठगी के लगाए गंभीर आरोप

बालोद

छत्तीसगढ़ शासन ने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बालोद जिले की एक महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद की गई है। महिला ने यौन शोषण, तीन बार जबरन गर्भपात और लाखों रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।

पीड़िता ने मुख्य सचिव को साक्ष्यों सहित 12 बिंदुओं वाली विस्तृत शिकायत भेजी थी। राज्य सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए निलंबन का आदेश जारी किया। शिकायत के अनुसार, उइके और पीड़िता का परिचय वर्ष 2017 में बालोद के डौंडी में पढ़ाई के दौरान हुआ था। महिला का आरोप है कि उइके ने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता ने, जो स्वयं 2017 में पुलिस आरक्षक बनी थी, उइके की पढ़ाई और कोचिंग के लिए हर महीने चार से पांच हजार रुपये भेजे। वर्ष 2020 में उइके का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ, जिसके बाद कथित तौर पर उनका व्यवहार बदल गया।

गंभीर आरोप और धोखाधड़ी
महिला ने अपनी शिकायत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोप है कि शादी का आश्वासन देकर आरोपी ने पीड़िता का 2017 से 2025 के बीच तीन बार जबरन गर्भपात कराया। इसके अतिरिक्त, पीड़िता ने बैंक से कर्ज लेकर लगभग तीन लाख तीस हजार रुपये उइके के खाते में हस्तांतरित किए थे। बीजापुर में पदस्थापना के दौरान भी जनवरी से मई 2025 के बीच आरोपी ने महिला का शारीरिक शोषण जारी रखा।

प्रशासनिक तंत्र पर सवाल और जांच
पीड़िता ने केवल उइके पर ही नहीं, बल्कि बीजापुर जिला प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी को बचाने के लिए नियमों के विरुद्ध अवकाश दिया गया। साथ ही, फर्जी प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। मुख्य सचिव के निर्देश पर उइके का निलंबन मुख्यालय संभागीय आयुक्त कार्यालय, बस्तर नियत किया गया है। बालोद के डौंडी थाने में मामला दर्ज होने के बाद अब विभागीय जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

 

#Bijapur Deputy Collector Dilip Uikey

Source : Agency

आपकी राय

7 + 13 =

पाठको की राय