बिहार के 2005 निजी स्कूलों पर लटकेगा ताला, मान्यता भी होगी खत्म
पटना
बिहार के 2005 निजी स्कूल अब बंद हो जायेंगे। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने इन सभी स्कूलों के यू-डायस कोड को रद्द कर दिया है। यू-डायस कोड रद्द होने के बाद इन स्कूलों का सीबीएसई और आईसीएसई की मान्यता भी खत्म हो जाएगी। इन स्कूलों की सूची बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला वार जारी कर दी है। साथ में सभी जिला शिक्षा कार्यालय को निर्देश दिया गया है कि इन स्कूलों पर नजर रखी जायें। जिससे ये आगे नामांकन ना ले पायें और अभिभावकों को गुमराह ना करें।
2005 निजी स्कूलों का यू-डायस कोड रद्द
आपको बता दें कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों को यू-डायस कोड भरना था। इसमें संसाधन, शिक्षक और नामांकित बच्चों की जानकारी देनी थी। सरकारी स्कूलों ने तो यू-डायस कोड भर दिया, लेकिन निजी स्कूलों द्वारा स्कूल और शिक्षक की तो जानकारी दी गयी, लेकिन नामांकित बच्चों की जानकारी नहीं दी गई। इसके लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने दस जून तक का समय निजी स्कूलों को दिया था। लेकिन, स्कूलों ने यू-डायस पोर्टल पर बच्चों की जानकारी नहीं दी। इसको लेकर इन स्कूलों का यू-डायस कोड रद्द कर दिया गया है। इससे पहले बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा निजी स्कूलों पर कार्रवाई 30 मई और एक जून को हुई थी। 30 मई को 1084 स्कूलों पर कार्रवाई की गई। एक जून को यह संख्या बढ़ कर 1235 हो गई।
सबसे ज्यादा मुजफ्फरपुर के 236 स्कूल
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा जारी सूची के अनुसार राज्य भर में मुजफ्फरपुर से सबसे ज्यादा 236 निजी स्कूलों का यू-डायस कोड रद्द किया गया है। वहीं सहरसा के 203 निजी स्कूल शामिल हैं। पटना जिले की बात करें तो 185 निजी स्कूलों को बंद किया गया है। केवल अररिया के एक भी निजी स्कूल का यू-डायस कोड रद्द नहीं किया गया है।
बच्चे से संबंधित 55 जानकारियां मांगी गयी थी
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा स्कूल वार बच्चों की जानकारी मांगी गयी थी। इसमें कुल 55 बिंदु थे। इन सभी का जवाब यू-डायस पोर्टल पर भरा जाना था। इसमें बच्चों के नामांकन की कक्षा, बच्चे का नाम, अभिभावक का नाम, बच्चे का आवासन आदि शामिल था।
इन कारणों से रद्द हुई मान्यता
- स्कूल कुल नामांकित बच्चों की संख्या नहीं बता पाये
- बच्चों का आधार नंबर नहीं दिया
- बच्चे कहां रहते है, उसका पता नहीं दिया
- माता-पिता का नाम नहीं भरा
- बच्चें का स्कूल में नामांकन कब और किस कक्षा में हुआ, नहीं बताया
- स्कूल के कितने बच्चों ने केंद्र, राज्य स्तर का छात्रवृति पायी, यह भी नहीं बताया
इन जिलों के स्कूलों को किया गया बंद
अरवल - 19, औरंगाबाद - 18, बांका - 14, बेगूसराय - 31, भागलपुर - 35, भोजपुर - 18, बक्सर - 71, दरभंगा - 43, गया - 44, गोपालगंज - 16, जमुई - 06, जहानाबाद - 06, कैमूर - 10, कटिहार - 34, खगड़िया - 05, किशनगंज - 35, लखीसराय - 23, मधेपुरा - 86, मधुबनी - 67, मुंगेर - 05, मुजफ्फरपुर - 236, नालंदा - 80, नवादा - 36, पश्चिम चंपारण - 76, पटना - 185, पूर्वी चंपारण - 123, पूर्णिया - 82, रोहतास - 93, सहरसा - 203, समस्तीपुर - 28, सारण - 35, शेखपुरा - 03, शिवहर - 02, सीतामढ़ी - 38, सीवान - 55, सुपौल - 24, वैशाली - 120
वहीं इस मामले पर पटना के डीईओ अमित कुमार ने बताया कि जिन निजी स्कूलों ने यू-डायस पोर्टल पर बच्चों की जानकारी नहीं दी, उन सभी स्कूलों का यू-डायस कोड रद्द कर दिया गया है। अब ये स्कूल बंद हो जायेंगे। बिना यू-डायस के स्कूल नहीं चल सकता है।

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