3 महीने में घरेलू खर्च में सबसे अधिक कटौती, स्मार्टफोन में कंजूसी, एसी खरीदने से बनाई दूरी, ब्रांड के साथ कीमत पर भी नजर
नई दिल्ली।
खाने-पीने के सामान से लेकर घर में रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले उत्पादों की कीमत बढ़ने से उपभोक्ताओं ने पिछले तीन माह नें इनमें सबसे अधिक कटौती की है। एक्सिस माई इंडिया की कंज्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स (सीएसआई) के नवीनतम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। जुलाई की रिपोर्ट से पता चलता है कि आवश्यक और गैर-जरूरी दोनों की खपत में गिरावट जारी है। पिछले तीन माह के दौरान खाने-पीने से लेकर हर तरह की वस्तुओं एवं सेवाओं के दाम में 15 से 20 फीसदी की तेजी आई है। जबकि कोरोना संकट में वेतन में कटौती, रोजगार बंद होने या अन्य वजहों से कमाई घटने की चुनौती उपभोक्ताओं के सामने अब भी है। एक्सिस माई इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, प्रदीप गुप्ता का कहना है कि समय के साथ, उपभोक्ता खर्च यथास्थिति के चरण में पहुंच गया है जहां खपत बढ़ाने का उत्साह सीमित हो गया है।
यह मुख्य रूप से मुद्रास्फीति और महामारी के बाद के प्रभावों के कारण है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए उनकी मामूली आय का महामारी-पूर्व स्तर तक वापस आ पाना मुश्किल हो गया है। इसके प्रतिक्रियास्वरूप सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की है, लेकिन उपभोक्ताओं का एक बड़ा हिस्सा अभी और राहत की तलाश में है। सर्वेक्षण में उन कारकों को गहराई से समझने की कोशिश की गई जिनके आधार पर उपभोक्ता खरीद संबंधी निर्णय लेते हैं।
स्मार्टफोन खरीदने में भी कर रहे कंजूसी
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू खर्च के अलावा उपभोक्ता स्मार्टफोन पर खर्च करने में कटौती कर रहे हैं। भारत में उपभोक्ता अब 24 माह यानी दो साल पर स्मार्टफोन बदल रहे हैं, जबकि पहले वह 16 माह पर नया स्मार्टफोन खरीद रहे थे। इसका असर स्मार्टफोन की बिक्री पर भी पड़ा है। दुनियाभर में स्मार्टफोन की बिक्री 10 फीसदी घटी है।
ब्रांड के साथ कीमत पर भी नजर
रिपोर्ट के मुताबिक खपत व्यवहार के संदर्भ में, उपभोक्ताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ब्रांड की प्रतिष्ठा और उसके बाद कीमत इन दो प्रमुख कारकों के आधार पर अपने खरीद निर्णय ले रहा है। 57 फीसदी उत्तरदाताओं ने ब्रांड की प्रतिष्ठा को एक महत्वपूर्ण कारक माना, जबकि 31 फीसदी इसके बाद दरों को महत्वपूर्ण कारक मानते हैं। आठ फीसदी ने कहा कि यह उत्पाद की उपलब्धता पर निर्भर करता है जबकि चार फीसदी ने कहा कि उनके निर्णय में विज्ञापन और विपणन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
एसी खरीदने से बनाई दूरी
बढ़ती गर्मी में एसी अब जरूरी घरेलू सामान की तरह हो गया है। लेकिन आर्थिक अनिश्चितता को लेकर उपभोक्ता इस कदर सहमे हुए हैं कि एसी जैसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी से दूरी बनाने लगे हैं। इसकी वजह से मई में भी एसी की बिक्री में 25 फीसदी की गिरावट आई है।
स्वास्थ्य खर्च ने बढ़ाई चुनौती
व्यक्तिगत देखभाल जैसी आवश्यक वस्तुओं पर 44 फीसदी परिवारों ने कहा कि उनके खर्च में वृद्धि हुई है। जबकि स्वास्थ्य से संबंधित वस्तुओं की खपत के मामले में 35 फीसदी परिवारों ने कहा कि खपत में वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य पर कम खर्च होना जहां बेहतर स्वास्थ्य का संकेत होता है। वहीं अधिक खर्च खराब स्वास्थ्य के साथ आर्थिक मोर्चे पर पर चुनौतियों का संकेत करता है।

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