नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का भोपाल कैंपस, अपराधियों को सजा दिलाने के लिए बड़ा कदम
भोपाल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का परिसर और फॉरेंसिक साइंस लैब शुरु की जाएगी। यहां डीएनए, हेंडराइटिंग, फिंगर प्रिंट से लेकर तरह-तरह के टेस्ट हो सकेंगे। इससे अपराधों की जांच में तेजी आएगी और आपराधिक तत्वों को सजा का प्रतिशत भी बढ़ेगा। वहीं फॉरेंसिक साइंस में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को राष्टÑीय स्तर के पाठ्यक्रमों में अध्ययन की सुविधा भी मिल सकेगी।
इसके लिए इसके लिए भारत सरकार की टीम भोपाल का दौरा कर चुकी है। राजधानी भोपाल के पास बरखेड़ा बोंदर में इसकी स्थापना के लिए 13.2 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। यह परिसर सीएफएसएल और एयरपोर्ट के करीब होगा इससे बाहर से भी जांच के लिए सबूतों को यहां आसानी से लाया जा सकेगा। भारत सरकार और राज्य सरकार के बीच इसके लिए एमओयू किया जाएगा। इसके इसी साल शुरू होने की संभावना है। जब तक यहां बिल्डिंग निर्माण और उपकरणों की स्थापना के काम होंगे तब तक अस्थाई भवन में भी इसकी शुरुआत की जा सकती है। अभी तक मध्यप्रदेश में फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय नहीं है। नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय के इस परिसर के शुरू होने से भोपाल में आपराधिक तत्वों की धरपकड़ के लिए सबूतों की जांच के लिए साइंटिफिक प्रोफेशनल मिल सकेंगे। इससे अपराधों की जांच में भी तेजी आएगी और अपराधियों को मिलने वाली सजा का प्रतिशत भी बढ़ेगा। केन्द्र सरकार इसके लिए भवन निर्माण, यहां के स्टाफ के वेतन भत्ते, उपकरणों की स्थापना का खर्च भी उठाएगी।
2009 में गुजरात में खुली थी यूनिवर्सिटी
राष्टÑीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जो फोरेंसिक विज्ञान में उच्च स्तरीय शिक्षा पीजी, पीएचडी और एम फिल प्रदान करता है। यह एक मात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जो दुनिया में फॉरेंसिक स्तर पर विशेषता रखता है। 2009 में गुजरात सरकार ने इसे शुरु किया था। अब मध्यप्रदेश में इसकी शाखा का विस्तार होने जा रहा है।

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