प्रदेश सभी शासकीय विश्वविद्यालय में भोज विवि के केंद्र खोले जायेंगे
भोपाल
प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के केंद्र अब प्रदेश के सभी शासकीय कॉलेज में खुलेंगे। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर जयंत सोनवलकर और कुलसचिव डाएलएस सोलंकी ने दी। उन्होंने बताया कि 29 साल में पहली बार विश्वविद्यालय के 1 अक्टूबर को स्थापना दिवस पर सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम मनाया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल करेंगे। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर मोहन यादव मुख्य रूप से शामिल होंगे।
कार्यक्रम शुक्रवार सुबह 11 बजे मिंटो हाल में आयोजित किया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आधारित स्मारिका 'भोज दर्पण 2021' का विमोचन भी होगा। उन्होंने बताया कि भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय अपनी यात्रा के 29 वर्षों में पहली बार स्थापना दिवस पर समारोह आयोजित कर रहा है। विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर केन्द्रित शार्ट फिल्म का प्रदर्शन होगा। भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मुकुल कानिटकर मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि होंगे।
इस साल 2 लाख एडमिशन का लक्ष्य
विश्वविद्यालय के 11 क्षेत्रीय केन्द्र है जो भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, उज्जैन, छिन्दवाड़ा, होशंगाबाद एवं बड़वानी में स्थित है। इनके अधीन कुल 600 अध्ययन केन्द्र संचालित है जिनके माध्यम से विद्यार्थी दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा अर्जित कर सकते है। इस साल से 6 नए कोर्स भी शुरू किए गए हैं।
कुलपति सोनवलकर ने बताया कि पिछले साल एक लाख छात्रों को प्रवेश दिया गया, इस साल इस लक्ष्य को बढ़ाकर 2 लाख किया है। अभी तक 50 हजार से अधिक एडमिशन हो चुके हैं। विद्यार्थियों को घर बैठे पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 250 से अधिक वीडियो लेक्चर का प्रसारण दूरदर्शन, मध्य प्रदेश और यूट्यूब के माध्यम से सम्पन्न कराया गया।
रामचरित मानस डिप्लोमा शुरू किया
कुलपति सोनवलकर ने बताया कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों के प्रति वैज्ञानिक नजरिए से अवगत कराने के लिए रामचरित मानस से सामाजिक विकास में डिप्लोमा प्रारम्भ किया है। विद्यार्थियों के लिए आडियो-वीडियो व्याख्यान सेवा भोज वाणी एवं भोज दर्शन भी संचालित की जा रही है। विश्वविद्यालय की और सेल्फ लर्निंग मटेरियल का ई-कंटेंट भी वेबसाइट पर उपलब्ध है, जो दूरस्थ शिक्षा के साथ कालेज और पारंपरिक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी ओपन सोर्स में उपलब्ध है।

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