भारत की जनवादी नौजवान सभा केंद्रीय कार्यकारिणी कमेटी की दो दिवसीय बैठक सम्पन्न
केंद्र सरकार की बेरोजगार नौजवानों एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन होगा तेज- ए.ए. रहिम
भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) की केन्द्रीय कार्यकारिणी कमेटी की दो दिवसीय बैठक जयपुर में शुक्रवार को सम्पन्न हुई। जिसमें राज्यों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
शुक्रवार को प्रेस वार्ता रखी गई।अखिल भारतीय महासचिव अभय मुखर्जी ने बताया कि दो दिवसीय बैठक में आगामी 12 से 15 मई को कलकत्ता साल्ट लेक में होने वाले 11 वें अखिल भारतीय सम्मेलन को लेकर चर्चा की गई। अखिल भारतीय सम्मेलन में सभी राज्यों से नौजवान प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे।
अखिल भारतीय अध्यक्ष एवं नव निर्वाचित राज्य सभा सांसद ए.ए. रहिम ने बताया कि केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों से नौजवानों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण किया जा रहा है जिससे बेरोजगारी बढ़ी है।आजादी के 75 सालों में बेरोजगारी सबसे अधिक है। सरकार नौजवानों को रोजगार देने के बजाय सांप्रदायिकता का सहारा लेकर जाति-धर्म में विभाजित करने की कोशिश कर रही है। गुजरात में 6 से 12 कक्षा तक भगवत गीता पढ़ाने का फैसला पूरी तरह सांप्रदायिक एवं भारत के संविधान की धर्मनिरपेक्षता की भावना के खिलाफ है। संगठन के 11 वें अखिल भारतीय सम्मेलन में 450 प्रतिनिधि भाग लेंगे।नौजवानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी एवं अनेक प्रस्ताव पास किए जायेंगे। बैठक में सम्मेलन का लोगो भी जारी किया है।
अखिल भारतीय संयुक्त सचिव प्रीति शेखर ने बताया कि पेट्रोल-डीजल एवं गैस की कीमतों ने परिवारों की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ कर रख दिया है। दहेज हत्याएं बढ़ी है, इसी तरह युवतियों के साथ अत्याचार भी बढ़े हैं। केंद्र सरकार की नीतियों ने नौजवान के समक्ष नई चुनौती पैदा की है।प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय सचिव मंडल सदस्य झाबर सिंह राड़,राज्य अध्यक्ष सत्यजीत भींचर एवं राज्य सचिव जगजीत सिंह जग्गी भी शामिल रहे।

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