हिंदुओं की तरह मूर्ति पूजा करने वालों पर ISIS के कहर की दास्तां ‘बी रेडी टू डाई’
भोपाल। लव डिमांड ब्लड, अनटोल्ड सीक्रेट्स आॅफ माई आश्रम और तलाक,तलाक, तलाक जैसे नॉवेल और किताबों के कारण सुखियों में रहे आईएएस नियाज खान का एक और नॉवेल इस समय चर्चाओं में है। इस नॉवेल की लांचिग शनिवार को पचमढ़ी के चौरागढ़ मंदिर के बाबा गरीबदास और अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश कुमार शर्मा करने जा रहे है। नियाज का नया नॉवेल बी रेडी टू डाई इस्लामिक स्टेट आईएएसआई द्वारा हिंदुओं की चौदह परंपराओं का पालन करने वाले अल्पसंख्यक यजीदियों के नरसंहार और शोषण पर केन्द्रित है। इसमें उन्होंने 2014 में आईएसआईएस द्वारा इस्लामिक देशों में रह रहे अल्पसंख्यक यजीदी महिलाओं के दैहिक शोषण और दस हजार से अधिक यजीदियों के नरसंहार का खुलासा किया है। ईराक,टर्की, जर्जिया में बच गये ये पांच लाख अल्पसंख्यक यजीदी मूर्ति पूजा भी करते है। इनकी चौदह परंपराएं हिंदुओं के समान है। इसी कारण ये यजीदी आईएसआईएस के निशाने पर है। वर्ष 2014 में एक साथ हजारों यजीदियों को एक साथ खड़े कर उनका संहार कर दिया गया।

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