छह नए व्यापमं के आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
भोपाल
मध्यप्रदेश में प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी)-2012 घोटाले में सीबीआई के पूरक चालान पेश करने के बाद अदालत ने छह आरोपितों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। इस मामले में सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने बताया कि 29 जुलाई को व्यापमं मामले के 13 आरोपितों को अदालत में उपस्थित होना था। इनमें से दो को तो नियमित जमानत मिल गई, तीन आरोपितों ने अस्वस्थता के कारण पेश होने के लिए समय मांग लिया। इस मामले में दो आरोपितों पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और अशोक वर्मा की मौत हो चुकी है।
गौरतलब है कि सीबीआइ ने विशेष न्यायाधीश नीतिराज सिसोदिया की अदालत में बुधवार को 73 लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था। यह आरोप-पत्र पूरक चालान है। इन 73 आरोपितों में 13 नए नाम शामिल हैं। यह आरोप-पत्र करीब सवा दो सौ पेज का है। नए आरोपितों में व्यापमं (अब पीईबी) के पूर्व अधिकारियों, मध्यस्थ, किसी और की जगह परीक्षा देने वाले शामिल हैं। एडवोकेट दिनकर ने बताया कि गुरुवार को पेश होने वाले दो लोगों को जमानत मिल गई है। कोर्ट में हाजिर नहीं होने वाले मनीष गुप्ता, अजीत गुप्ता, अरविंद चौहान, विद्याभूषण उपाध्याय, अवधेश गुप्ता और परवेज अहमद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। इसके पूर्व सीबीआइ ने पीएमटी-2012 घोटाले में 23 नवंबर 2017 को 592 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
मालूम हो, आरोपितों की सूची में व्यापमं के तत्कालीन निदेशक पंकज त्रिवेदी, तत्कालीन वरिष्ठ सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा सहित अन्य के नाम शामिल हैं। सीबीआइ की जांच में सामने आया था कि सैकड़ों छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस परीक्षा घोटाले में कुछ मेडिकल कॉलेज मेरिट में आने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी कोटे की सीटों पर प्रवेश देते थे और फिर उनसे सीटें स्वेच्छा से सरेंडर करवाकर इन्हें मुंहमांगी कीमत पर बेचते थे।

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