सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए 8 हजार 225 करोड़ रुपये की स्वीकृति
सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए 8 हजार 225 करोड़ रुपये की स्वीकृति
छिंदवाड़ा, सिवनी, मुरैना और सागर, दमोह की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378 करोड़ 69 लाख रूपये की स्वीकृति
कैम्पा निधि से वनों के सुधार और नदियों के पुनर्जीवन के लिए 2,050 करोड़ 3 लाख रूपये की स्वीकृति
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण के लिए 651 करोड़ 25 लाख रूपये की स्वीकृति
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थापना के लिए नवीन 68 पद और आउटसोर्सिंग से 32 व्यक्तियों को रखे जाने की स्वीकृति
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यों से संबंधित योजनाओं के संचालन के लिए कुल 345 करोड़ 52 लाख रूपये की स्वीकृति
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की परिसम्पत्तियों के संधारण के लिए 40 करोड़ रूपये की स्वीकृति
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 1,743 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए 8 हजार 225 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं एवं वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य में कृषि विस्तार और जल संसाधन प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए छिंदवाड़ा, मुरैना और सागर जिलों की वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 3,378 करोड़ 69 लाख रुपये की मंजूरी दी गई जिससे व्यापक स्तर पर सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा।
मंत्रि-परिषद ने पर्यावरण संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण कार्यों को गति देने के लिए प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा) से 2,050 करोड़ 3 लाख रुपये के उपयोग का अनुमोदन किया गया। जन-स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध रखने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को 1,743 करोड़ 58 लाख रुपये तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपये का अनुमोदन दिया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के क्रम में नवगठित जिलों-निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की स्थापना, नवीन पदों के सृजन, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के सुचारू संचालन तथा नागरिक आपूर्ति निगम से जुड़े उपार्जन संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
छिंदवाड़ा, सिवनी, मुरैना और सागर, दमोह की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378 करोड़ 69 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने छिंदवाड़ा, मुरैना और सागर की सिंचाई परियोजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तर संचालन के लिए 3,378 करोड़ 69 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के लिए 2,611 करोड़ 13 लाख रूपये स्वीकृत किए गए हैं। छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना का मुख्य उद्देश्य छिन्दवाड़ा जिले के 1,90,500 हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप/स्प्रिंकलर) के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाना है।
इसके साथ ही पेंच व्यपवर्तन (वृहद) परियोजना की निरंतरता के लिए 197 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है। इसका मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में कृषि के लिए पानी की आपूर्ति करना है। योजना का उद्देश्य छिंदवाड़ा जिले के 1,26,647 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है। मुरैना जिले में चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना अन्तर्गत बांध निर्माण कर जिले के 15.300 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रणाली का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 531 करोड़ 15 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है।
सागर में पंचमनगर सिंचाई कॉम्पलेक्स एक वृहद सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना अन्तर्गत पगरा बांध एवं पंचमनगर बैराज का निर्माण किया जा चुका है। पगरा बांध से पाइप प्रणाली के माध्यम से सागर एवं दमोह जिले की 25,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाना है। पंचमनगर सिंचाई कॉम्पलेक्स के कार्यों की निरंतरता के लिए 39 करोड़ 41 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है।
प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा निधि) योजना क्रियान्वयन के लिए 2,050 करोड़ 3 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा निधि) अंतर्गत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना के क्रियान्वयन के लिए 2050 करोड़ 3 लाख रूपये के उपयोग की स्वीकृति दी गई है। प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि का उपयोग विगत वर्षों के कार्यों के रख-रखाव, क्षतिपूर्ति पौधारोपण, लैण्डस्केप के आधार पर बिगड़े वनों का सुधार, नदियों के पुनर्जीवन के लिए जलग्रहण क्षेत्र के वनीकरण, मृदा एवं जल संरक्षण के कार्य, ग्रामीणों की आजीविका के लिए ग्रामों की सीमा से लगे वनक्षेत्रों में बॉस प्रजाति सहित वृक्षारोपण, वन्यप्राणी संरक्षित क्षेत्रों के गांवों से स्वैच्छिक विस्थापन, बफर क्षेत्र सहित संरक्षित क्षेत्रों में रहवास का विकास, नगर वनों की स्थापना, वन एवं वन्यप्राणी संबंधी अधोसंरचना सुदृढीकरण एवं ग्रामीणों की क्षमता विकास कार्य में किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिये वन भूमि व्यपवर्तन के प्रकरण स्वीकृत किये जाते हैं। वन भूमि व्यपवर्तन के प्रकरणों में स्वीकृति जारी करते समय भारत सरकार द्वारा विभिन्न शर्तें अधिरोपित की जाती हैं। इन शर्तों के अनुरूप आवेदक संस्थान से क्षतिपूर्ति वनरोपण, वन्यप्राणी प्रबंधन तथा नेट प्रजेन्ट वेल्यू (एन.पी.व्ही.) आदि की राशि जमा कराई जाती है। इन शर्तों का मुख्य उद्देश्य वन भूमि के व्यपवर्तन से होने वाली क्षति की पूर्ति करना है। आवेदक संस्थानों से इस प्रकार प्राप्त राशि को राज्य की प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा निधि) में रखा जाता है।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण के लिए 651 करोड़ 25 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 651 करोड़ 25 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय की स्थापना से संबंधित योजना के लिए 6 करोड़ 34 लाख रूपये, स्वावलम्बन केन्द्र इंदौर (पूर्व नाम-भिक्षुक प्रवेश केन्द्र तथा कर्मशाला योजना-इंदौर) के लिए 2 करोड़ 29 लाख रूपये, दृष्टि एवं श्रवण बाधित शालायें तथा संस्थायें वेतन भत्ते के लिए 152 करोड़ 37 लाख रूपये स्वीकृत किए है। इसी तरह मध्यप्रदेश राज्य सामान्य वर्ग कल्याण आयोग के कार्यों के लिए 6 करोड़ रूपये, कलापथक योजना के लिए 45 करोड़ रूपये, निर्देशन और प्रशासन के लिए 430 करोड़ 04 लाख रूपये और समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम आदि से सम्बंधित योजनाओं के लिए 9 करोड़ 21 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थापना के लिए नवीन 68 पद और आउटसोर्सिंग से 32 व्यक्तियों को रखे जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने नव गठित जिले निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के गठन के लिए कुल नवीन 68 पदों एवं आउटसोर्सिंग के माध्यम से आवश्यक 32 व्यक्तियों की सेवाएं प्राप्त किए जाने के लिए आवश्यक 16 करोड़ 80 लाख रूपये का अनुमोदन दिया है। अनुमोदन अनुसार उक्त चार जिलों में से प्रत्येक जिले में 17 नवीन पद और आउटसोर्सिंग के माध्यम से आवश्यक 8 व्यक्तियों की सेवाएं प्राप्त की जा सकेंगी।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यों से संबंधित योजनाओं के संचालन के लिए कुल 345 करोड़ 52 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने सामान्य प्रशासन विभाग की लोक वित्त से लोक पोषित योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में संचालित योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 345 करोड़ 52 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार स्थापना, वेतन भत्ते एवं कार्यालय व्यय में 327 करोड़ 52 लाख रूपये, प्रशासकीय भवन के निर्माण में 11 करोड़ रूपये और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 7 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए है।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग की परिसम्पत्तियों के संधारण के लिए 40 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग की परिसम्पत्तियों के संधारण से संबंधित योजना के 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 40 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 1,743 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की निर्देशन एवं प्रशासन से संबंधित योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 1,743 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।
म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन के माध्यम से गेहूं खरीदी की स्वीकृति
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत रबी विपणन वर्ष 2020-21 में 7 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेंहू को निविदा के माध्यम से विक्रय के लिए की गई कार्यवाही और म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन को अधिकृत किये जाने पर कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन द्वारा रबी विपणन वर्ष 2020-21 के 2 लाख मीट्रिक टन एवं 3.8 लाख मीट्रिक टन इस प्रकार कुल 5.8 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूँ का निविदा द्वारा किये गये विक्रय की कार्यवाही का कार्योत्तर अनुमोदन दिया गया।

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