Friday, October 23rd, 2026

सरकारी भर्तियों में चरित्र सत्यापन की जगह शपथ पत्र पर नियुक्त्ति

भोपाल
मध्यप्रदेश में अब अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों को जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे सरकार इसे जन्म प्रमाणपत्र के साथ ही देने की व्यवस्था करने जा रही है। अभी तक जाति प्रमाणपत्र लेने के लिए तहसील, कलेक्ट्रेट में आवेदन करना होता है। उसके साथ जाति को प्रमाणित करने के लिए कई दस्तावेज भी लगाना होता है।

सरकार इस प्रक्रिया में लगने वाला समय और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण करने जा रही है। जिन बच्चों ने अनुसूचित जाति या जनजाति परिवार के माता-पिता के घर जन्म लिया है उन्हें अब अलग से जाति प्रमाणपत्र नहीं बनवाना पड़ेगा। जन्मप्रमाणपत्र के साथ ही उन्हें जाति प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इसके लिए सरकार प्रावधान करेगी और नियम जारी करेगी। लोक सेवा केन्द्रों, नगर निगम , नगर पालिका और नगर परिषद तथा ग्राम पंचायतों के कार्यालयों से जन्म प्रमाणपत्र के साथ ही जाति प्रमाणपत्र भी जारी कर दिए जाएंगे।

नागरिक सेवाएं जैसे आय, निवास प्रमाणपत्र , खसरा, भू अभिलेख, छात्रवृत्ति, पेंशन जैसी सेवाएं सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे वाटसएप, टेलीग्राम और कू एप पर नागरिकों को बिना सरकारी कार्यालय आए चेटबोट के माध्यम से संबंधित एप पर ही आॅनलाईन प्रदाय की जाएंगी। इसके लिए सिस्टम बनाया जा रहा है।

इसी तरह अब सरकारी नौकरियों में चयन होंने पर नियुक्ति और ज्वाइनिंग से पहले पुलिस के जरिए कराए जाने वाले पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को भी और आसान करने की तैयारी है। अब चयनित अभ्यर्थी के द्वारा दिए गए शपथ पत्र के आधार पर ही उसकी नियुक्ति और ज्वाईनिंग हो जाएगी। पुलिस सत्यापन में होंने वाली लेटलतीफी से आम नागरिकों को मुक्ति मिल सकेगी।

 

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Source : Agency

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