Monday, October 19th, 2026

एप्पल तीन खरब डॉलर वाली पहली कंपनी बनने के करीब

नई दिल्ली।
दुनिया के सबसे अच्छे प्रदर्शन वाले शेयरों में से एक के रूप में दशकों तक राज करने के बाद, आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल इंक बाजार मूल्यांकन तीन खरब डॉलर तक पहुंचने के कगार पर है। यह जर्मनी के पूरे बाजार से बड़ा है और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के बराबर है।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि एप्पल के शेयर में और छह फीसदी की तेजी आती है तो वह दुनिया की पहली तीन खरब डॉलर पूंजीकरण वाली कंपनी बन जाएगी। चार साल पहले एप्पल एक खरब डॉलर वाली कंपनी बनी थी। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संकट और उच्च ब्याज दरों की चिंता में बाजार लड़खड़ा रहे हैं जबकि निवेशक को भरोसा है कि एप्पल लगातार बढ़ती बिक्री और भारी नकदी का बेहतर इस्तेमाल करने में सक्षम है।
 
मेटा (पूर्व में फेसबुक) का अगले तीन साल में भारत में करीब एक करोड़ छोटी कारोबारी इकाइयों और 2.5 लाख सृजनकर्ताओं (क्रिएटरों) को कुशल बनाने का इरादा है। मेटा ने बुधवार को कहा कि दिल्ली-एनसीआर में स्थित अपने नए 'सेंटर फॉर फ्यूलिंग इंडियाज न्यू इकनॉमी' (सीफाइन) के जरिये उसने इन इकाइयों एवं क्रिएटरों को कुशल बनाने की योजना बनाई है। यह केंद्र एशिया में मेटा के सबसे बड़े दफ्तरों में से एक है। इस दफ्तर में फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की टीमें भी मौजूद होंगी।

फेसबुक इंडिया (मेटा) के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजीत मोहन ने गुरुग्राम में संवाददाताओं से कहा कि भारत कंपनी के लिए सबसे बड़ा देश होने के साथ ही इंटरनेट के भविष्य के लिए भी काफी अहम है। उन्होंने कहा, ''हम अपने इस दफ्तर को बाहर की दुनिया के साथ गहराई से जोड़ना चाहते हैं।'' उन्होंने कहा कि मेटा के सीफाइन सेंटर के जरिये अगले तीन वर्षों में भारत के एक करोड़ छोटी कारोबारी इकाइयों और 2.5 लाख क्रिएटरों को प्रशिक्षित करने और कुशल बनाने की कोशिश की जाएगी।

इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिक मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रौद्योगिकी देश के विकास पथ को गहराई से प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट की ताकत नई अर्थव्यवस्था, उद्यमशीलता और नवाचार को गति दे पाने की उसकी क्षमता में निहित है और इससे युवा भी सशक्त होते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि इंटरनेट एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी चर्चाओं को सकारात्मक ही रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी बड़ी इंटरनेट कंपनियों के पास प्रभाव ड़ालने की बड़ी क्षमता है लेकिन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल अच्छे कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए।

 

Source : Agency

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