अन्नदाता सख्ती के बावजूद नहीं मान रहे, पराली जलाने वाले 13 किसानों पर होगी कार्रवाई
डुमरांव
बक्सर जिले के खेतों में पराली जलाने के मामले में कृषि विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पराली जलाने के मामले में प्रखंड कृषि विभाग ने कुल तेरह किसानों के खिलाफ कार्रवाई की है। अन्य इलाकों में पराली जलाने की सूचना पर कृषि विभाग खेतों की जांच करा रहा है। कोरानसराय के गड़ही टोला के बधार में कुछ किसानों के पराली जलाने की सूचना प्रखंड कृषि विभाग को मिली थी। विभाग के समन्वयक ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की है। विभाग की कार्रवाई और पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को परवाह नहीं है। पराली जलाने से होने वाले नुकसान को लेकर कृषि विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। विभाग का कहना है कि पराली जलाने से वायुमंडल प्रदूषण के साथ खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है। इसके खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई की घोषणा की है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जिस कृषक के खेत में पराली जलाने की शिकायत मिलेगी, उस कृषक के परिवार के सभी सदस्यों के कृषक पंजीकरण को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया जायेगा। कृषक पंजीकरण ब्लॉक होते ही कृषक को कृषि एवं उससे संबंधित विभाग से तीन साल तक कोई लाभ नहीं मिलेगा। खेतों में पराली जलाने से मानव की सेहत के साथ मिट्टी की सेहत भी प्रभावित हो रही है।इतना कुछ होने के बाद भी डुमरांव के गांवों के किसानों में जागरूकता नहीं आयी है। पराली जलाने की सूचना पर कृषि विभाग ने प्रखंड के दक्षिणी इलाकों के खेतों में जांच अभियान चलाया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी कृष्ण मोहन चौधरी ने बताया कि पराली जलाने के आरोप में कुल तेरह किसानों का निबंधन ब्लॉक कर दिया गया है। शेष इलाकों में जांच चल रही है। कुछ अन्य किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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