Saturday, October 24th, 2026
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लखनऊ में फिर हो सकता है शुक्रवार जैसा हादसा, हजारों इमारतें ढहने की कगार पर

लखनऊ
 
भारी बारिश के चलते शुक्रवार को लखनऊ की दिलकुशा कॉलोनी के पास सैन्य परिसर की चहारदीवारी ढह जाने से दो बच्चों समेत एक ही परिवार के नौ लोगों की दबकर मौत हो गई थी। राजधानी में ऐसे हादसे फिर से हो सकते हैं। इसकी वजह जर्जर और पुरानी इमारतों में बनी दुकानें और मकान हैं। जर्जर घोषित होने के बाद भी इन इमारतों को तोड़ा नहीं जा रहा है। स्थानीय लोग कहते हैं कि सरकारी विभाग की सुस्ती की वजह से ही हादसे होते हैं। कई इमारतें तो विवादित होती हैं, जिस पर कोर्ट को भी जल्द फैसला लेना चाहिए।

अमीनाबाद में जर्जर इमारतों के नीचे खरीदारी जानलेवा अमीनाबाद चौराहे पर पुलिस चौकी के ठीक सामने शम्भूनाथ बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। इस बिल्डिंग के निचले हिस्से में दुकानें चल रही हैं। यहां पर ज्यादातर किताबों, घड़ी आदि की आधा दर्जन से ज्यादा दुकानें हैं। बिल्डिंग के ठीक नीचे कई ठेले वाले भी रहते हैं। यहां पर रोजाना अधिक संख्या में छात्र व अन्य लोग किताब लेने आते हैं। इस भवन की परिधि में हर समय 70 से 80 लोग रहते हैं, जो दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।

 

 

#हादसा

Source : Agency

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