ऑस्ट्रेलिया के बाद अन्य देश भी हट सकते हैं चीनी प्रोजेक्ट BRI से
कैनबरा
ऑस्ट्रेलिया के साथ कई अन्य देश भी इस परियोजना के अलग हो सकते हैं। दरअसल, परियोजनाओं के नाम पर सैन्य मौजूदगी बढ़ाने व कई मनमानी शर्तें थोपने के कारण इससे जुड़े अधिकतर देश अब खुद को फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन ने चीन के बीआरआई समझौते को रद्द कर दिया था। विदेश मंत्री मैरिस पेन ने कहा कि समझौता कॉमनवेल्थ कानूनों के तहत बने फॉरने-वीटो प्रावधान का उपयोग करते हुए रद्द किया गया है।
इसके अलावा चीन ने अफ्रीका के देश जिबूती में चल रही परियोजना में सुरक्षा के नाम पर सेना तैनात की थी। अब वहां सेना की मौजूदगी बढ़ा सकता है। इसी चालाकी को भांपकर कुछ अफ्रीकी देश बीआरआई से हट सकते हैं।
बीआरआई समझौते की कई शर्तों को विवादास्पद माना जाता है, चीन ने अपने हितों के इन्हें तय किया है। अमेरिका के जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय के अनुसार कई शर्तें तो ऐसी हैं चीन से लोन वाले देश सार्वजनिक तौर पर यह भी बता सकते की उन्होंने लोन लिया है।
ऑस्ट्रेलिया के निर्णय को चीन ने नकारात्मक कदम बताया है। साथ ही कहा है कि इससे द्विपक्षीय संबंध खट्टे होंगे। चीन के प्रमुख कूटनीतिज्ञ चेंग जिंगये ने ऑस्ट्रेलिया को दोनों देशों के बिगड़ते संबंधों के लिए दोषी बताया। वैसे अप्रैल 2020 से ही दोनों देशों के रिश्ते बिगड़ रहे हैं।
हांगकांग व चीन में उइगर मुसलमान अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के लिए चिंता जताने पर यूरोपीय संघ के साथ ही चीन की तनातनी बढ़ती जा रही है। उसने हाल में यहा के कई अधिकारियों जनप्रतिनिधियों, राजदूतों और अकादमिक जगत के लोगों पर पाबंदियां लगा दी.

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