Tuesday, October 20th, 2026

Aditya L1 : आदित्य मिशन में प्रयागराज के इन तीन वैज्ञानिकों पर बड़ी जिम्मेदारी,Chandrayaan-3 से है कनेक्शन

प्रयागराज
 सूर्य का अध्ययन करने के लिए आज लांच होने जा रहे आदित्य एल-1 मिशन में प्रयागराज निवासी इसरो के तीन विज्ञानियों ने बड़ी भूमिका निभाई। यान की नियंत्रण प्रणाली तैयार करने से लेकर अलग-अलग अध्ययनों के लिए पेलोड तैयार करने वाले इन विज्ञानियों ने प्रयागराज का मान बढ़ाया है। चंद्रयान-तीन मिशन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले इन विज्ञानियों पर अब आदित्य मिशन की सफलता काफी हद तक निर्भर है। पिछले तीन दिनों से यह सभी विज्ञानी इसरो मुख्यालय में ही जमे हैं और लांचिंग को लेकर अपनी भूमिका में काम कर रहे हैं।

उन्नत इलेक्ट्रो-मैकेनिकल पेलोड सिस्टम डिजाइन किया

इसरो त्रिवेन्द्रम के चार विभिन्न विभागों का नेतृत्व कर रहे हैं व विभिन्न उपग्रहों के उप परियोजना निदेशक (डीपीडी) निशंक श्रीवास्तव आदित्य मिशन की बड़ी भूमिका में हैं।उन्होंने ओशनसैट-3 श्रृंखला के उपग्रहों और आदित्य एल-1 मिशन के लिए विभिन्न उन्नत इलेक्ट्रो-मैकेनिकल पेलोड सिस्टम भी डिजाइन और विकसित किया है। साथ ही कार्टोसैट-2 ओशनसैट-2 मंगल मिशन और आइआरएनएसएस श्रृंखला उपग्रहों में उपयोग की जाने वाली जड़त्वीय संदर्भ इकाइयों (आइआरयू) के लिए एफपीजीए आधारित इलेक्ट्रानिक्स भी विकसित किया है। उन्होंने बताया कि मिशन में लगे पेलोड सूर्य की एक्टिविटी से पृथ्वी के वातावरण पर प्रभाव और इससे पूर्वानुमान का मदद करेंगे।साथ ही कोरोनल मास इजेक्शन की वजह से सौर हवाओं, आयनाइज्ड पार्टिकल और प्लाज्मा का भी अध्ययन होगा।

 

#Aditya L1

Source : Agency

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