किचन में शामिल करें ये जड़ी-बूटी
जब भी हम खाना खाने टेबल पर बैठते हैं, तो खाने का स्वाद ही हमारी भूख को संतुष्ट कर पाता है। सिर्फ इसी वजह से कुछ मास्टर्स अपनी डिश बनाने और उसे एक नया स्वाद देने के लिए मसालों से लेकर जड़ी-बूटी और कई चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। आयुर्वेदिक कुकिंग में स्वाद बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि खाने को सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बने, बल्कि उसमें सभी सामग्री को एक साथ डालकर, किस प्रकार स्वास्थ्य को फायदा पहुंचाया जाए। हर सामग्री का अपना एक अलग गुण होता है, जिसके इस्तेमाल से आप शरीर को लाभ पहुंचा सकते हैं। जड़ी-बूटी, एक तरह से स्वाद को निखारने और मजेदार बनाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाती हैं। अगर यह जड़ी-बूटी किचन में देखने को मिले, तो शायद ही कोई कुक ऐसा होगा जो, मामूली डिश को ज़ायकेदार बनाने से चूकेगा। यह ऐसी जड़ी-बूटी हैं, जो खाने में जान डाल देने वाली हैं। आप इन्हें कई तरह से अपने खाने में शामिल कर सकते हैं। जैसे स्प्रिग (टहनी) को काटकर आप एक सामग्री की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं या पास्ता में डाल सकते हैं। इसके अलावा आप इससे करी और मिश्रण भी तैयार कर सकते हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी, जिनके इस्तेमाल से आप अपने खाने को एक नया स्वाद देने के साथ शरीर को स्वास्थ्य संबंधित कई फायदे दे सकते हैं। आइए बताते हैं इन्हें आप किस तरह अपने किचन में प्रयोग में ला सकते हैं।
कढ़ी पत्ता
साउथ इंडियन क्यूज़ीन की शान कढ़ी पत्ता सबसे ज़्यादा तीखे मीट, फ्राइड खाना समेत सांभर, रसम, उपमा, डोसा के भरावन मिश्रण और चटनी बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। कई लोग तो इसे दाल में तड़का लगाने में भी शामिल करते हैं। इसका तीखा स्वाद, भारतीय मसालों के अलावा काली मिर्च के साथ बहुत बढिय़ा होता है। खाना बनाते समय तेल में तड़का लगाने के लिए इसकी महक ही काफी होती है।
तेजपत्ता
इस खुशबूदार पत्ते में कई आरोग्य गुण होते हैं। रसोई में यह दाल, करी, बिरयानी, राजमा और छोले के स्वाद को बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। यह सूखा होता है। डिश में इसका हल्का स्वाद देने के लिए आप एक घंटे के लिए खाने को हल्की आंच पर रखकर छोड़ सकते हैं। यह खाया नहीं जाता, इसलिए डिश के बन जाने के बाद इसे निकालकर फेंक दिया जाता है। मार्किट में इसकी ताज़ा पत्तियां भी उपलब्ध हैं। ऐसा कहा जाता है कि रात में ताजे तेजपत्ता को पानी में भिगोकर रखने और सुबह उसी पानी का सेवन करने से बल्ड शुगर लेवल पर नियंत्रण रखा जा सकता है।
पुदीना
पुदीना या मिंट अक्सर सभी के रसोईघर में मौजूद होता है। यह सिर्फ एक मेडिकल गुण रखने वाला ही नहीं, बल्कि डिश को अच्छा स्वाद देने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय घरों में पुदीना चटनी, ज़्यादातर सभी तरह के खाने के साथ परोसी जाती है। कई बार मिंट का ताज़ा स्वाद गर्मियों में जूस और ड्रिंक्स में भी शामिल किया जाता है। पुदीना, पाचन क्रिया को सही कर, खांसी, ज़ुखाम, शरीर के दर्द और थकान को ठीक करने में मदद करता है।
होली बासिल (तुलसी)
स्टिर फ्राई खाने को हल्का तीखा स्वाद देने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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