Tuesday, October 20th, 2026

अपने इष्टदेव को प्रसन्न करने का एक सरल उपाए ,जिससे दूर होगा धन का आभाव

दुनिया में हर इंसान के बेहतर जीवन जीना चाहता है। अपनी सभी इच्छाओं को पूरा करना चाहता है। लेकिन कोई भी कार्य धन के बिना अधूरा है। धन के अभाव में व्यक्ति सामान्य जीवनयापन भी नहीं कर पाता है। कभी कल्पना कीजिए कि आपकी जेब में पैसा ना हो, आपका बैंक अकाउंट बैलेंस खत्म हो, तब आपका क्या होगा? यह बात सोचने भर से ही हमें डर लगता है। इस डर भागा नहीं जा सकता है। लोग अक्सर धन प्राप्ति के लिए कई तरह के टोटके करते हैं। लेकिन आज हम आपको धन प्राप्ति का एक सीधा सरल उपाय बता रहे हैं जो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एकदम सटीक है। हर व्यक्ति की एक चन्द्र राशि होती है और हर चन्द्र राशि का एक स्वामी-ग्रह होता है, और हर ग्रह का एक इष्टदेव निश्चित है। अगर हम अपने इष्टदेव को प्रसन्न कर लेते हैं तो हमारी व्यापारिक एवं वित्तीय समस्याओं का अंत हो सकता है। आइये जानते हैं किस राशि के जातक को अपने इष्टदेव को प्रसन्न करने के लिए कौन सा मंत्र जपना पड़ेगा।


1.मेष- मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह है।

मन्त्र- ॐ हनुमते नमः

2.वृष- वृष राशि का स्वामी ग्रह शुक्र माना जाता है।

मंत्र- ॐ दुर्गादेव्यै नम:

3.मिथुन- मिथुन राशि का स्वामी ग्रह बुध है।

मंत्र- ॐ गं गणपते नमः

4.कर्क- चंद्रमा ग्रह, कर्क राशि का स्वामी होता है।

मंत्र- ॐ नमः शिवाय

5.सिंह- सिंह राशि का स्वामी ग्रह सूर्य है।

मंत्र- ॐ सुर्यायें नमः

6.कन्या- कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह माना जाता है।

मंत्र- ॐ गं गणपते नमः

7.तुला- तुला राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है।

मंत्र- ॐ महा लक्ष्म्यै नमः

8.वृश्चिक- वृश्चिक राशि का ग्रह मंगल है।

मंत्र- ॐ हं हनुमते नमः

9.धनु- धनु राशि ब्रहस्पति ग्रह से संबंध रखती है।

मंत्र- ॐ श्री विष्णवे नमः

10.मकर- मकर राशि का स्वामी शनि है।

मंत्र- ॐ शम् शनिश्चराये नम:

11.कुंभ- कुंभ का स्वामी शनि है।

मंत्र- ॐ महामृत्युंजय नमः

12.मीन- मीन राशि का स्वामी ब्रहस्पति बताया गया है।

मंत्र- ॐ नारायणा नमः एवं ॐ गुरुवे नमः

 

#इष्टदेव को प्रसन्न

Source : Agency

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