Friday, October 23rd, 2026

13 साल के बच्‍चे ने 7 दिन तक सहा जुल्‍म, पुलिस को इस हाल में मिला

बस्‍ती
उत्‍तर प्रदेश के बस्‍ती के अखंड अपहरण कांड का खुलासा हो गया है। कपड़ा व्‍यवसायी अशोक कसौधन को कपड़े की सप्‍लाई देने वाले दो सगे भाइयों ने 13 साल के उनके बेटे अखंड से घुले-मिले होने का फायदा उठाकर उसे किडनैप कर लिया था। अखंड, 7 दिन से दोनों जालिम भाइयों की गिरफ्त में था। शनिवार की भोर में जब पुलिस और एसटीएफ की संयुक्‍त टीम उसे छुड़ाने पहुंची तो उसकी हालत देखकर हैरान रह गई।

अखंड को एक कमरे में फर्श पर हाथ-मुंह बांधकर रखा गया था। पुलिस ने सबसे पहले उसे भरोसा दिलाया कि वह अब सुरक्षित है। हाथ-मुंह खोले जाने के बाद अखंड ने सबसे पहले पुलिसवालों से पानी मांगा। अपहरणकर्ताओं ने उसे काफी समय से पानी तक नहीं दिया था। इसके बाद उसने बताया कि उसके कपड़े दूसरे कमरे में टंगे हैं। पुलिसकर्मियों ने अखंड को उसके कपड़े लाकर दिए। इसके बाद अखंड को बस्‍ती जिला अस्‍पताल ले जाकर मेडिकल चेकअप कराया गया। अखंड की सकुशल बरामदगी से खुश ग्रामीणों ने रुधौली थाने पर बस्‍ती के एसपी और पुलिस टीम का स्‍वागत किया। अपर मुख्‍य सचिव गृह अवनीश अवस्‍थी ने बस्‍ती पुलिस को एक लाख रुपए इनाम की घोषणा की है।

सगे भाई हैं अपहरणकर्ता
पुलिस ने अखंड के दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाई हैं। वे अखंड के पिता को कपड़े की सप्‍लाई करते थे। पकड़े गए अपहरणकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि उन्‍होंने अपहरण के लिए क्राइम पेट्रोल देखकर तैयारी की थी। वे कभी भी अपने मोबाइल का इस्‍तेमाल नहीं करते थे। फेरी वालों, चाय की दुकान वालों का फोन मांग कर या छीनकर इस्‍तेमाल करते थे। अखंड के अपहरण के बाद 50 लाख की फिरौती मांगने के लिए उन्‍होंने एक शख्‍स का मोबाइल छीनकर फोन किया था। उन्‍होंने पुलिस को बताया- 'हम दोनों भाई खलीलाबाद से कपड़े खरीद कर कई दुकानों पर सप्लाई करते थे। अशोक कुमार गुप्ता की दुकान पर भी कपड़ों की सप्‍लाई के सिलसिले में ही आना-जाना था। अशोक कसौधन का बेटा अखंड कुमार कसौधन हम दोनों से घुल-मिल गया था।'

क्‍यों किया अपहरण?
अपहरणकर्ताओं के मुताबिक उन दोनों भाइयों के सम्‍बन्‍ध उनके पिता से अच्‍छे नहीं थे। उन्‍होंने अपनी मां के गहने गिरवी रखकर कर्ज लिया था। वे आर्थिक रूप से परेशान थे। अशोक कसौधन के बेटे के अपहरण की साजिश के पीछे उनकी सोच यही थी कि इससे मिलने वाली फिरौती से उनका कर्ज चुक जाएगा।

अपहरण के एक दिन पहले भी की थी कोशिश
अपहरणकर्ताओं ने बताया कि उन्‍होंने एक दिन पहले भी कोशिश की थी लेकिन अखंड के अपहरण में नाकामयाब रहे। 23 अप्रैल को अखंड को सब्जी खरीदते हुए देखने पर वे उसके पास गए और बोले कि हमारी गाड़ी का टायर पंचर हो गया। उन्‍होंने अखंड से चलकर टायर बदलवा देने की गुजारिश की। इस पर अखंड उनकी गाड़ी पर बैठकर चला गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसका अपहरण कर लिया।

अखंड के पिता से मांगी 50 लाख की फिरौती
दोनों ने अखंड के पिता से 50 लाख की फिरौती फोन करके मांगी थी। ये फोन उनका अपना नहीं था। एक शख्‍स से मोबाइल छीनकर उन्‍होंने फोन किया था। इस सम्‍बन्‍ध में संतकबीरनगर में मुकदमा भी दर्ज है।

किडनैपर्स से ये हुआ है बरामद
दो देशी तमंचे, दो खोखा, दो जिंदा कारतूस 315 बोर, अपहरण के लिए इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल, एक मारुति इको वैन और चार मोबाइल फोन

कैसे हुआ था अपहरण
अखंड का अपहरण 23 अप्रैल को तब हुआ जब वह सब्‍जी की दुकान पर खरीदारी करने गया था। घरवालों ने काफी देर तक न लौटने पर जब सब्‍जी की दुकान पर जाकर देखा तो पता चला कि अखंड वहां अपना झोला छोड़कर गया है। इसके बाद अखंड के पिता को 50 लाख की फिरौती की मांग वाला फोन आया। पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज में अखंड एक बाइक सवार के पीछे बैठकर जाता दिखाई दिया। लेकिन सात दिन तक उसका कोई सुराग न लग पाने से घरवालों की उम्‍मीद टूटती जा रही थी। उन्‍होंने अखंड के लिए मंदिरों में मन्‍नतें भी मांगी।

 

#A 13 -year -old child

Source : Agency

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