भोपाल-नर्मदापुरम पुलिस रेंज में कोरोना से 90 पुलिसकर्मी का हुआ था निधन, अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार
भोपाल
भोपाल और नर्मदापुरम पुलिस रेंज में डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मियों के परिजन अनुकंपा नियुक्ति के लिए अभी तक प्रयास कर रहे हैं। इन दोनों रेंज के 8 जिलों में 90 पुलिसकर्मियों की कोविड से जान चली गई। शासन की मंशा अनुसार इनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाना थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इनमें से डेढ़ दर्जन पुलिसकर्मियों के परिजनों को अब तक नौकरी नहीं मिल सकी है।
राजगढ़ जिला पुलिस बल में 9 पुलिसकर्मियों की कोविड-19 में जान गई थी। राजगढ़ जिले के प्रधान आरक्षक संतोष कुमार के पुत्र गौरव श्रीवास ने आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किया है, लेकिन अब तक आवेदक का चरित्र सत्यापन नहीं हो सका है। इसी तरह राजगढ़ के ही सहायक उपनिरीक्षक राजेंद्र मालवीय के आश्रित ने अपना आवेदन कर दिया है, लेकिन अब तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल सकी है। होशंगाबाद के आरक्षक प्रकाश ठाकुर के परिजनों ने अब तक नौकरी के लिए आवेदन नहीं किया है। इसी जिले के सहायक उपनिरीक्षक राधेश्याम सक्सेना के जिस परिजन ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया है उन पर अपराध दर्ज है, हालांकि अपराध में वे दोषमुक्त हो चुके हैं, इसलिए अब चरित्र सत्यापन होने के बाद इस पर कार्यवाही की जाएगी।
शासकीय सेवा में परिजन इसलिए नहीं मिल सकती अनुकंपा नियुक्ति
इनमें से आरक्षक जितेंद्र की पत्नी पहले से शासकीय सेवा में थी, इसलिए जितेंद्र के परिवार में से किसी अन्य को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल सकी। वहीं जुबेर लाकरा के निधन के बाद परिवारजन उनके बेटे को शासकीय नौकरी में लाना चाहते थे, लेकिन उनका बेटा शासकीय सेवा में पहले से ही है। वहीं सीहोर जिले के आरक्षक नीलेश शिवहरे के परिजनों ने लिखित आवेदन देकर दो साल का वक्त मांगा है, इसलिए उनके परिजनों को नौकरी नहीं मिल सकी। सीहोर जिले के ही कमल सिंह के दोनों पुत्र शासकीय सेवा में पहले से ही है। इसी तरह होशंगाबाद जिले के आरक्षक सुरेश चौहान की पत्नी शासकीय सेवा में हैं। सहायक उपनिरीक्षक कुंवर सिंह रघुवंशी के पुत्र सीआरपीएफ असम में पदस्थ हैं। प्रधान आरक्षक अशोक कुमार के दोनों पुत्र भी शासकीय सेवा में हैं।
ये इसलिए हुए अयोग्य
होशंगाबाद के प्रधान आरक्षक गोपाल प्रसाद वर्मा के पुत्र लोकेश वर्मा नौकरी चाहते थे, लेकिन उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध है। इसलिए वे अनुकंपा नियुक्ति के लिए अयोग्य पाये गए हैं। वहीं इसी जिले के कार्यवाहक उपनिरीक्षक हरिकृष्ण शुक्ला की संतान नहीं है, लेकिन परिजन उनके भाई के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति दिलाना चाहते थे, नियमानुसार भाई के पुत्र को अनुकंपा की पात्रता नहीं होती है।

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