लखनऊ में बनेगी 83 एकड़ की एयरोसिटी, मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
लखनऊ
राजधानी में औद्योगिक विकास के तहत 83 एकड़ में एयरोसिटी बसाई जाएगी। इसमें फाइव स्टार होटल से लेकर आधुनिक पार्क, विश्वस्तरीय कंवेंशन सेंटर समेत कई सुविधाएं होंगी। इसका निर्माण दिल्ली की तर्ज पर एयरपोर्ट के आसपास ही होगा। इस हाईटेक सिटी के निर्माण से राजधानी और प्रदेश में औद्योगिक विकास को भी पंख लगेंगे
राज्य राजधानी क्षेत्र यानि एससीआर के तहत पिछले दिनों सभी विभागों की बैठक में इसका भी प्रस्तुतीकरण भी हुआ था। एयरो सिटी पर काम करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को अधिकृत किया गया है।
पर्यटकों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
एलडीए इसे प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के तहत एयरपोर्ट आफ अथॉरिटी के साथ मिलकर 2029 तक धरातल पर उतारेगा। एयरो सिटी बनने से लखनऊ और इसके आसपास के जिलों में आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
अमौसी एयरपोर्ट पर टर्मिनल थ्री शुरू हो जाने के बाद यहां फ्लाइट और यात्रियों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में यहां एयरो सिटी बनने से निवेश के आसार तेजी से बढ़ेंगे। एयरो सिटी में सेवेन स्टार होटल और बड़े कंवेंशन सेंटर बनने से यहां वैश्विक सम्मेलन भी हो सकेंगे।
साथ ही अयोध्या के राम मंदिर, वाराणसी में काशी विश्वनाथ और सीतापुर में नैमिषारण्य कारिडोर के साथ लखनऊ भी पर्यटकों के लिये बड़ा केंद्र बनेगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया, सिटी साइड डेवलपमेंट के तहत एयरो सिटी बनाई जाएगी। इसमें फाइव स्टार होटल, शापिंग माल और आधुनिक कन्वेंशन सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित होंगी।
क्या है एयरो सिटी
एयरो सिटी का मतलब, ऐसी टाउनशिप जहां लोगों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलें। इस स्मार्ट टाउनशिप में मल्टी-माडल कनेक्टिविटी, खुली जगह, होटल, क्लब, रेस्तरां, मीटिंग हाल, दफ्तर समेत कई सुविधाएं होंगी।
इसमें यह होगा
प्लाट का क्षेत्रफल - 62180 वर्ग मीटर
कवरेज एरिया - 25171 वर्ग मीटर
बिल्टअप एरिया - 303915 वर्ग मीटर
थ्री व फोर स्टार होटल में खर्च - 400 करोड़
कंवेंशन सेंटर की लागत - 320 करोड़
फरवरी 2026 में अमौसी एयरपोर्ट का फुटफाल - 4.97 लाख
कार्गो क्षमता - अभी सात हजार टन वार्षिक है जो अगले पांच साल में 50 मीट्रिक टन होगा।
एयरपोर्ट व एयरो सिटी लखनऊ कानपुर रोड एनएच 27 से कनेक्ट है।
मेट्रो स्टेशन से एयरो सिटी की दूरी दो किलोमीटर होगी।

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