Monday, August 10th, 2026

बिहार के 73 हजार सरकारी स्कूलों को मिलेगा पूर्व छात्रों और CSR का सहारा

पटना
 बिहार के सरकारी विद्यालयों को पूर्ववर्ती छात्रों, आम नागरिकों, एनआरआइ, एनजीओ और कारपोरेट से जोड़ने की दिशा में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) ने महत्वपूर्ण पहल की है। परीक्षा समिति की ओर से मेरा विद्यालय, मेरा स्वाभिमान नाम से डिजिटल पोर्टल विकसित किया जा रहा है।

इसके माध्यम से राज्य के 73 हजार से अधिक सरकारी विद्यालयों के पूर्ववर्ती छात्र अपने विद्यालय अथवा राज्य के किसी भी सरकारी विद्यालय से जुड़कर उसके विकास में योगदान कर सकेंगे।

रविवार को अधिवेशन भवन में शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की ओर से आयोजित प्रशिक्षण सह चिंतन शिविर में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम ने समिति की विभिन्न योजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया।

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के मंत्री मिथिलेश तिवारी, विभाग के वरीय अधिकारी, सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित रहे।
तीन, पांच वर्ष या आजीवन विद्यालय गोद लेने का विकल्प

परीक्षा समिति के अध्यक्ष डा. त्यागराजन ने बताया कि मेरा विद्यालय, मेरा स्वाभिमान पोर्टल के माध्यम से पूर्व छात्र समूह, संगठन, कारपोरेट या एनआरआइ किसी एक सरकारी विद्यालय को तीन वर्ष, पांच वर्ष या आजीवन अवधि के लिए गोद ले सकेंगे। आम नागरिक विद्यालयों को अपने ज्ञान, कौशल, समय और संसाधन के माध्यम से सहयोग कर सकेंगे।

वहीं, एनआरआइ डिजिटल शिक्षा, आधारभूत संरचना और वैश्विक अवसरों से विद्यालयों को जोड़ने में मदद कर सकेंगे। कंपनियां सीएसआर के माध्यम से वित्त, संसाधन और विशेषज्ञता उपलब्ध कराकर विद्यालयों के विकास में योगदान दे सकेंगी।

विद्यालयों के प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय की आवश्यकताओं को चिह्नित कर उन्हें पोर्टल पर प्रदर्शित करेंगे। विद्यालय को सहयोग उसकी सहमति से ही प्राप्त होगा। केवल सीएसआर के माध्यम से मिलने वाले सहयोग के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी का अनुमोदन आवश्यक होगा।

146 प्लस टू माडल स्कूलों में शुरू होगी फ्री जेईई-नीट कोचिंग
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति राज्य के 146 अन्य प्लस टू माडल स्कूलों में जेईई और नीट की तैयारी के लिए ऑनलाइन संध्याकालीन निशुल्क कोचिंग शुरू करने जा रही है। वर्तमान में समिति पटना में दो स्थानों पर प्रतिवर्ष 200 विद्यार्थियों, जिनमें 100 जेईई और 100 नीट के लिए निशुल्क आवासीय अनुशिक्षण कार्यक्रम चला रही है।

इसके अतिरिक्त राज्य के नौ प्रमंडलीय मुख्यालय वाले जिलों में प्रतिवर्ष 50 विद्यार्थियों को जेईई-नीट प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए गैर-आवासीय अनुशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम की सफलता और विद्यार्थियों की रुचि को देखते हुए पटना जिले के 10 माडल स्कूलों में संध्याकालीन निशुल्क अनुशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

इसी क्रम में अब 146 अन्य प्लस टू माडल स्कूलों को ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए समिति मुख्यालय स्तर पर एक स्टूडियो का निर्माण कर रही है। स्टूडियो तैयार होने तक विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों और टापिक पर तैयार वीडियो लिंक के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

688 माडल स्कूलों में 15 अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई
परीक्षा समिति के अध्यक्ष ने बताया कि 15 अगस्त से राज्य के 688 माडल स्कूलों में इंटरएक्टिव ऑनलाइन लर्निंग की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी किसी भी समय ऑनलाइन उपलब्ध शिक्षक से अपने विषय और टापिक की पढ़ाई कर सकेंगे। पढ़ाई के दौरान किसी तरह का संदेह होने पर विद्यार्थी शिक्षक से लाइव बातचीत कर अपना डाउट भी दूर कर सकेंगे।

सबसे खास बात यह है कि यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी और शिक्षक विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे, सातों दिन उपलब्ध रहेंगे। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को पोर्टल अथवा मोबाइल एप पर पंजीकरण करना होगा।

इसके बाद वे अपनी कक्षा, विषय और संबंधित टापिक का चयन कर लाइव क्लास के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे। किसी विषय में परेशानी होने पर विद्यार्थी अपना सवाल शिक्षक को भेज सकेंगे, जिसका शिक्षक विस्तार से समाधान करेंगे।

 

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Source : Agency

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