70 लाख लोगों को दूसरी डोज लगना बाकी, लक्ष्य-पूर्ति के अपना रहे टारगेट, ट्रेसिंग और टेलीकॉलिंग का उपयोग
भोपाल
प्रदेश में टीकाकरण अभियान जोर-शोर से चल रहा है। इसके बावजूद प्रदेश में 70 लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी कोरोना से बचाव के टीके की दूसरी डोज लंबित हो गई है और ये टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं। अब इन्हें टीका लगाने के लिए 3-टी फार्मूले यानी टारगेट, ट्रेसिंग और टेलीकॉलिंग का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी सभी जिलों में कलेक्टरों से कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर तीन दिन के भीतर सभी को दोनों डोज लगाने की रणनीति तैयार करें। प्रदेश में चार अक्टूबर के बाद से हर दिन दो लाख से कम लोग ही दूसरी डोज लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
राज्य सरकार ने 31 दिसंबर तक सभी पात्र लोगों को दोनों डोज लगाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश भर में 5 करोड़ 49 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है। अभी तक एक करोड़ 90 लाख लोगों यानी 30 फीसद को ही दोनों डोज लग पाई हैं, जबकि 4 करोड़ 90 लाख लाख लोगों ने पहली डोज लगवाई है। ऐसे में अगर यही रफ्तार रही तो सभी को दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य 31 दिसंबर तक पूरा कर पाना बेहद कठिन हो जाएगा। हालांकि, सरकार का अब पूरा ध्यान दूसरी डोज पर है।
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने कहा कि 3-टी के तहत सबसे पहले तो छूटे हुए लोगों की पहचान (ट्रेसिंग) की जा रही है। इसके बाद टीका लगाने का टारगेट (लक्ष्य) रखा जा रहा है। इसके बाद टेलीकॉलिंग के जरिए इन्हें टीका लगवाने के लिए बुलाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य तरीके भी अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन लोगों को टीका लगाने के लिए मंगलवार को टास्क फोर्स की बड़ी बैठक होने जा रही है। इसमें रणनीति तैयार की जाएगी।

पाठको की राय