UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में भारत की 5 नई साइटें, MP की उदयगिरि गुफाएं भी शामिल
भोपाल
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची (Tentative List) में भारत के पांच नए स्थल जोड़े गए हैं. इनमें मध्य प्रदेश के चार स्थल हैं, और एक स्थल महात्मा गांधी के सत्याग्रह से जुड़ा है, जो भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों में फैला हुआ है. अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
नई सूची में मध्य प्रदेश के उदयगिरि गुफाओं (Udaigiri Caves) समेत राज्य के चार महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को शामिल किया गया है. ये स्थल भारत की प्राचीन विरासत, कला और स्थापत्य परंपरा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
सत्याग्रह से जुड़े स्थलों को भी सूची में स्थान
पांचवीं प्रविष्टि महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन से जुड़े स्थलों से संबंधित है. इसमें भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों देशों में स्थित वे स्थान शामिल हैं, जिनका सत्याग्रह के इतिहास से संबंध रहा है।
क्या है UNESCO अस्थायी सूची?
UNESCO अस्थायी सूची में उन सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की प्रारंभिक सूची है, जिन्हें संबंधित देश भविष्य में World Heritage Site के रूप में नामांकन के लिए प्रस्तावित कर सकता है. किसी स्थल का Tentative List में शामिल होना अंतिम रूप से UNESCO विश्व धरोहर स्थल घोषित होने के बराबर नहीं है।
भारत की विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान
इन पांच नए स्थलों के जुड़ने से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा. आगे संबंधित स्थलों के विस्तृत नामांकन और मूल्यांकन के बाद UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने पर फैसला होगा।
उदयगिरि गुफाएं, विदिशा
उदयगिरि गुफाएं विदिशा जिले में हैं। यहां कुल 20 गुफाएं हैं जो भोपाल से करीब 60km दूर है।
इनमें हिंदू धर्म से जुड़े मंदिर और मूर्तियां प्रमुख हैं, जबकि कुछ गुफाओं में जैन और अन्य धार्मिक परंपराओं से जुड़े अवशेष भी मिलते हैं।
उदयगिरि की सबसे प्रसिद्ध कलाकृति भगवान विष्णु के वराह अवतार की विशाल शैल-मूर्ति है।
इसमें वराह यानी जंगली सूअर के रूप में विष्णु को पृथ्वी (भूदेवी) को समुद्र से ऊपर उठाते हुए दिखाया गया है।
यह मूर्ति केवल धार्मिक महत्व की नहीं है। इसके माध्यम से गुप्तकाल की धार्मिक सोच, राजसत्ता और मूर्तिकला की जानकारी भी मिलती है।
बाघ गुफा चित्रकारी, धार
बाघ गुफाएं धार जिले में बाघ कस्बे के पास, बाघिनी नदी के किनारे विंध्य पर्वत पर स्थित हैं। धार से इनकी दूरी लगभग 97km बताई जाती है।
यहां 9 चट्टान-काटकर बनाई गईं 9 बौद्ध गुफाएं हैं। बाघ गुफाओं की पहचान उनकी भित्ति चित्रकारी से है। इनमें मानव आकृतियां, फूल-पत्तियां, ज्यामितीय डिजाइन और तत्कालीन जीवन-संस्कृति की झलक दिखाई देती है।
चित्र बनाने के लिए दीवारों पर मिट्टी और अन्य पदार्थों का प्लास्टर लगाया जाता था और उसके ऊपर रंगों से चित्र बनाए जाते थे। इसमें टेम्परा तकनीक का प्रयोग हुआ था।
गिन्नौरगढ़ किला, रायसेन
गिन्नौरगढ़ का किला रायसेन जिले में, भोपाल से लगभग 60–65km दूर स्थित एक प्राचीन पहाड़ी किला है। यह रातापानी क्षेत्र के आसपास घने जंगल और पहाड़ियों के बीच स्थित है।
गिन्नौरगढ़ को पुराने गोंड शासकों की प्रमुख किलेबंद राजधानी थी। गिन्नौरगढ़ की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्राकृतिक और सामरिक स्थान है। किला ऊंची पहाड़ी पर बना है और चारों तरफ जंगल व पहाड़ी क्षेत्र है।
चंबल घाटी के मंदिर समूह, मुरैना
ये मंदिर मुख्य रूप से 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच बने और मध्य भारत में नागर शैली की मंदिर वास्तुकला के विकास को दिखाते हैं।
ये मंदिर मुख्य रूप से 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच बने और मध्य भारत में नागर शैली की मंदिर वास्तुकला के विकास को दिखाते हैं।
मुरैना जिले की चंबल घाटी में बटेश्वर, पदावली और ककर्मठ के मंदिर भी शामिल किए गए हैं। तीनों मंदिर चंबल क्षेत्र में मंदिर वास्तुकला के विकास की कहानी बताते हैं।
बटेश्वर में 200 से ज्यादा छोटे मंदिर हैं। पदावली मंदिर अपनी सुंदर पत्थर की नक्काशी के लिए जाना जाता है, जबकि ककर्मठ मंदिर नागर शैली के विकसित रूप को दिखाता है।
ये मंदिर 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच बनाए गए थे। इनका निर्माण गुरजर-प्रतिहार और कच्छपघात शासकों के समय हुआ था।
5वीं साइट- ‘Sites of Satyagraha’
पांचवीं एंट्री ‘साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ है। यह भारत और दक्षिण अफ्रीका के 9 ऐतिहासिक स्थलों का समूह है। इसका उद्देश्य महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विकास और उसकी यात्रा को दिखाना है।
सत्याग्रह की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका में हुई और बाद में भारत में यह बड़े अहिंसक आंदोलनों का आधार बना।
इन 9 स्थलों में दक्षिण अफ्रीका के पीटरमैरिट्जबर्ग स्टेशन और फीनिक्स सेटलमेंट तथा भारत के चंपारण, साबरमती आश्रम, मणि भवन, हरिजन सेवक संघ, सेवाग्राम आश्रम, आगा खान पैलेस और गांधी स्मृति शामिल हैं।
इन जगहों से गांधीजी के सत्याग्रह की शुरुआत, प्रयोग और विकास की कहानी जुड़ी है।
UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट क्या होती है?
टेंटेटिव लिस्ट यानी संभावित/प्रस्तावित विरासत स्थलों की सूची। किसी देश की ऐसी जगहों को इसमें शामिल किया जाता है जिन्हें वह भविष्य में UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल कराने के लिए नामित करना चाहता है।

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