Monday, October 19th, 2026

498 वनाधिकार पत्रकों की हुई पुनर्समीक्षा हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टा व किसान किताब का वितरण

कोरिया
कलेक्टर श्याम धावड़े के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के व्यक्तिगत वनाधिकार पत्रक पुनर्समीक्षा शिविर सह कलेक्टर जनचौपाल को जनता का बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। 28 दिसंबर को मोटल भवन, पटना में आयोजित व्यक्तिगत वनाधिकार पत्रक पुनर्समीक्षा शिविर सह कलेक्टर जनचौपाल में 498 पूर्व निरस्त वनाधिकार पत्रकों की समीक्षा की गयी। शिविर में सामुदायिक वनाधिकार पट्टे का वितरण किया गया।

पुर्नसमीक्षा शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष रेणुका सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी, जिला पंचायत सदस्य विजय राजवाड़े, श्रीमती सुनीता कुर्रे, जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर की अध्यक्ष श्रीमती सौभाग्यवती कुसरो, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती आशा साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुणाल दुदावत सहित समस्त विभाग के जिला अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। शिविर में कलेक्टर श्याम धावड़े ने मौजूद ग्रामीण जनता को वन अधिकार अधिमान्यता नियम 2006 की जानकारी दी। इसी के साथ उन्होंने जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड के संबंध में लगाये जा शिविरों का भी लाभ लेने की बात कही। उन्होनें कहा कि जनता की मदद के लिए ये शिविर आयोजित किये जा रहे है। इनका लाभ उठाए और बेहतर प्रशासन में हमारा सहयोग करें। धान खरीदी के संबंध में कलेक्टर धावड़े ने किसानों से आग्रह किया कि उपार्जन केंद्रों में गुणवत्ता पूर्ण धान लाएं जिससे विक्रय के दौरान कोई परेशानी ना हो। उन्होंने कोविड टीकाकरण महाभियान में सहयोग करने के लिए आम जन से अपील की।

शिविर में बैकुण्ठपुर विकासखण्ड के अंतर्गत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रादन किये गए। 35 दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार मोटराइज्ड साईकल, व्हीलचेयर, ब्लाइंड स्टिक, श्रवण यंत्र, ट्राईसाईकल, और बैसाखी का वितरण किया गया। शिविर में आये ग्राम पटना के सुल्तान अंसारी को ब्लाइंड स्टिक उपलब्ध कराई गई है। सुल्तान ने बताया कि उनकी आंखों की रोशनी बेहद कमजोर है जिससे उन्हें आते-जाते वक्त रास्ते को समझने को बेहद मुश्किल होती है। शिविर में उन्हें नि:शुल्क सहायक उपकरण के रूप में ब्लाइंड स्टिक मिली है जिससे उन्हें मदद मिलेगी।

ग्राम चिरगुड़ा की बबिता को शिविर में नि:शुल्क ट्राईसाईकल मिली। ट्राईसाईकल मिलने से बबिता के चेहरे पर आई हंसी ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इन शिविरों की सार्थकता को मजबूत बनाया। ट्राईसाईकल मिलने से अब बबिता को आवागमन में आसानी होगी और किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। शिविर में ग्राम पंचायत कसरा से आयी साधना यादव ने बताया कि आवागमन में समस्या होती है, मुझे मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से मेरी यह समस्या दूर हुई है। ग्राम तरगवा से आए मनोज कुमार साहू ने बताया कि मैं एम.ए. तीसरे वर्ष में हूं। दिव्यांगता के कारण आने-जाने में मुश्किल होती है, आज शिविर में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से मैं अब मैं स्वयं सक्षम हूं।

 

Source : Agency

पाठको की राय