327 संभावित टीबी मरीजों में से 3 की पुष्टि
बेमेतरा
टीबी हारेगा बेमेतरा जीतेगा अभियान के तहत 27,252 परिवारों से संपर्क किया गया है। इस दौरान जांच टीम द्वारा 1.72 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। टीबी की खोज के लिए घर-घर सर्वे अभियान में मितानिन व स्वास्थ्य कार्यकतार्ओं द्वारा 14 दिनों में 327 टीबी के संभावित मरीजों की जांच की गई है इनमें से 3 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुयी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन तीनों मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है।
सीएमएचओ डॉ. प्रदीप घोष ने बताया कि अभियान के दौरान जिले के 713 गांवों में लगभग 10 लाख की जनसंख्या में टीबी संभावितों को खोजने को घर-घर सर्वे के लिए हाई रिस्क एरिया में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, टीबी चैम्पियन व ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों की टीम टीबी के लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर रही है। जिलेवासियों से अपील है कि डोर-टू-डोर सर्वे में यदि टीम के सदस्य किसी के घर पहुंचे तो टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति अपने रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि लक्षणों के बारे में खुलकर बताएं। टीबी रोग की पुष्टि होने पर उनका समुचित इलाज होगा।
जिला टीबी नियंत्रण कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. नितेश चौबे ने बताया कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय की खांसी, शाम के समय बुखार आना, बलगम के समय खून का आना, राम में पसीना आना, भूख न लगना एवं वजन में कमी, गले में या अन्य भाग में गठान व छाती में दर्द होने की स्थितियों में टीबी का जांच अवश्य करवाना चाहिए। इसके लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में संपर्क किया जा सकता है। इलाज से टीबी की बीमारी पूरी तरह से ठीक हो सकती है। इलाज करवा रहे मरीज, टीबी रोधी दवा का पूरा सेवन करें।

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