PWD की 27 सड़कें छलनी, 18 के लिए BMC को माना जिम्मेदार
भोपाल
राजधानी में पीडब्ल्यूडी की सड़कों की अब नगर निगम द्वारा बिना परमीशन खुदाई का मसला हल होने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। निगम कभी पाइप लाइन बिछानी हो या लीकेज की मरम्मत करनी हो उसके लिये बिना सूचना दिये ही काम कर देता है और बाद में सड़क को वैसा ही छोड़ दता है।
इससे पहले भी तत्कालीन कलेक्टर अविनाश लवानिया ने भी आदेश जारी किया था कि किसी भी सड़क की बिना परमीशन खुदाईनहीं होनी चाहिए। लेकिन उसके बाद इस पर अमल नहीं हो पाया था। बिना परमीशन सड़कों पर होने वाली निगम की खुदाई पर पीडब्ल्यूडी ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है।
निगम को लिखा पत्र
कोलार रोड बारिश की वजह से पूरी तरह से उखड़ गया है। इसके सुधार के लिए पीडब्ल्यूडी ने नगर निगम को पत्र लिखा है। कोलार रोड बारिश की वजह से पूरी तरह से उखड़ गया है।
इन सड़कों के हाल भी बुरे
राजधानी मेें कोलार, होशंगाबाद रोड, बावड़ियाकलां, हमीदिया रोड, करोंद, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, इंद्रपुरी, आनंद नगर, भेल, सुभाषनगर, छोला, अशोका गार्डन आदि इलाके शामिल हैं। करीब एक हजार किलोमीटर सड़कें पहले से जर्जर थी अब उनकी हालत और खराब हो गई है।
पानी और सीवेज लाइन बिछाने के लिए खोदा
राजधानी में इस समय पीडब्ल्यूडी की 27 सड़कों की हालत काफी खराब हो गई है जबकि इन पर हाल ही में उसने पैचवर्क कराया था। इनमें से 18 सड़कों के खस्ताहाल होने के लिए पीडब्ल्यूडी ने नगर निगम को जिम्मेदार माना है। बकायदा, निगम को रिन्युवल के लिए लैटर भी लिखा है। निगम ने इन सड़कों को पानी और सीवेज लाइन बिछाने के लिए खोदा था, लेकिन खोदने के बाद उसकी तरीके से मरम्मत नहीं की गई। वैसे भी बारिश के मौसम में सड़कों का निर्माण नहीं होता है लेकिन शहर में ऐसा हो रहा है। पर हालत यह है कि शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं बची, जो न उखड़ी हो। चाहे होशंगाबाद रोड हो या कोलार, हमीदिया रोड, बावड़ियाकलां। अब इन गड्ढों में नगर निगम ने गिट्टी और मिट्टी बिछा दी। अब बारिश नहीं होने से वहां पर सड़कों पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
शहर में पिछले दिनों हुई बारिश बारिश की वजह से पीडब्ल्यूडी की 27 सड़कें जर्जर हुई हंै। इनमें से 18 सड़कें नगर निगम की वजह से खराब हुई। सीवेज और पानी की लाइन बिछाने के लिए निगम ने खुदाई की। लैटर लिखकर कहा गया है कि सड़कों का सुधार कार्य करवाए। इसके बाद पीडब्ल्यूडी डामरीकरण कराएगा।
संजय मस्के, चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी

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