Tuesday, October 20th, 2026

2020-21 की चैंपियनशिप अगले छह माह में होने की सम्भावना

दिल्ली
खेल मंत्रालय ने खिलाडिय़ों को राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया है। कोरोना के चलते जो भी खेल संघ साल 2020-21 की विभिन्न आयु वर्गों में राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं करा पाए हैं, अब उन्हें इन चैंपियनशिप को कराने की छह माह की मोहलत दी गई है। मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल संघों को स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर 2021 तक साल 2020-21 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित की जा सकेगी। इस फैसले से देश के लाखों खिलाडिय़ों को फायदा मिलेगा। कुछ ही खेल संघ ऐसे हैं जिन्होंने 2020-21 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप कराई है। वहीं ज्यादातर ऐसे खेल संघ हैं जो अपनी एक भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं करा पाए हैं।

भारतीय भारोत्तोलन संघ के अलावा कई खेल संघों ने खेल मंत्रालय से गुहार लगाई थी कि वे कोरोना के चलते अपनी राष्ट्रीय चैंपियनशिप कराने में असमर्थ हैं। चैंपियनशिप कराने का समय बढ़ाया जाए, जिससे खिलाडिय़ों का नुकसान रोका जा सके। मंत्रालय के फैसले के बाद खेल संघ पुराने नियम के हिसाब से चैंपियनशिप करा सकेंगे। जिन खिलाडिय़ों की उम्र निकल गई है वह अब खेल सकेंगे। हालांकि इस चैंपियनशिप में उम्र के हिसाब से अब खेलने के योग्य हो गए खिलाड़ी नहीं खेल पाएंगे।

खेल संघों की ओर से कराई जाने वाली सीनियर, जूनियर, सब जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दिखाया गया प्रदर्शन न सिर्फ भारतीय टीम में चयन का मुख्य आधार बनता है, बल्कि स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, प्रोफेशनल कोर्सेज के साथ विभिन्न संस्थानों में नौकरी और प्रमोशन का कारण भी बनता है। यही कारण है कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में खिलाड़ी प्रभावित हो रहे थे। एनआरएआई के अध्यक्ष रणइंदर सिंह ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप को रद्द करते वक्त यह कहा भी कि चैंपियनशिप नहीं कराने का असर अभी नहीं दिखेगा। इसका पता अगले दो वर्षों में तब लगेगा जब उन्हें भारतीय टीम के लिए नए शूटर नहीं मिलेंगे।

भारतीय कुश्ती संघ ही इकलौता खेल संघ है जिसने अपने सभी आयु वर्गों की राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन किया है। बाकी अन्य खेल संघों को अपनी सभी राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन करना है। दरअसल कोरोना के चलते निर्धारित एसओपी के अनुसार बढ़ी लागत के कारण चैंपियनशिप का आयोजन खेल संघों के लिए बड़ी चुनौती बना है। एक खेल संघ को तीनों चैंपियनशिप के लिए मंत्रालय साढ़े 22 लाख रुपये देता है। खेल संघों का मानना है कि यह राशि काफी कम है। खासतौर पर नई एसओपी में इस राशि में चैंपियनशिप कराना मुश्किल है।

 

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Source : Agency

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