हमीदिया हॉस्पिटल में पार्किंग के नाम पर चुकाने पड़ रहे 200
भोपाल
हमीदिया अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की फजीहत हो रही है। कहने को तो गरीबों को 10 रुपए में इलाज मिल रहा है लेकिन पार्किंग चार्ज के नाम पर चार पहिया वाहन के 24 घंटे वाहन खड़े करने के 200 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। पार्किंग का संचालन करने वाली कंपनी ने खुलेआम लूट मचा रखी है। मामले में अस्पताल प्रबंधन भी चुप्पी साधे बैठा है। अगर कोई मरीज भर्ती होता है तो उसके परिजनों को वहीं गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है। इसी का फायदा पार्किंग ठेकेदार उठा रहा है।
हमीदिया अस्पताल में भले ही मरीजों को इलाज 10 रुपए के शुल्क में मिल रहा है, लेकिन उन्हें पार्किंग के नाम पर एक दिन में चार पहिया वाहन के 200 रुपए चार्ज का भुगतान करना पड़ रहा है। इस दौरान किसी मरीज के परिजन को कई दिन रुकना पड़ जाए तो इलाज के खर्च से ज्यादा रकम पार्किंग पर खर्च हो जाती है। यहां पार्किंग का संचालन करने वाली एजेंसी दिन दहाड़े लूट की दुकान संचालित कर रही है। आलम यह है कि यहां पार्किंग के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है। इसके बाद भी यदि वाहन में कोई टूट-फूट होती है तो प्रबंधन इसका जिम्मेदार नहीं है। इतना ही नहीं पर्ची गुमने पर 150 रुपए अलग फ ाइन लगा रहे हैं। इस मामले में हमीदिया अस्पताल प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए हैं।
गौरतलब है कि इन दिनों में हमीदिया अस्पताल में वायरल बीमारियों के मरीजों की लंबी कतारें लग रहीं हैं। डेंगू-वायरल फीवर व चिक नगुनिया के मरीज दिनभर आ जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें इलाज से कहीं ज्यादा पार्किंग चार्ज चुकाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि कोरोना काल में यहां भर्ती मरीज व उनके परिजन कितना प्रभावित हुए होंगे वर्तमान की परिस्थतियों से अंदाजा लगाया जा सकता है। ब्लैक फंगस के मरीजों को एक-एक महीने तक रुकना पड़ा था। रोगी कल्याण समिति भी इस मामले को नजर अंदाज कर रही है।
शहर में अभी ये है स्थिति
आपको बता दें कि हबीबगंज स्टेशन की पार्किंग सबसे महंगी मानी जाती है, लेकिन यहां भी 15 मिनट फ्री है। मगर हमीदिया में फ्री तो दूर चार घंटे के ही 50 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। जबकि ननि की पार्किंग में दोपहिया के 10 रुपए एवं चार पहिया के 20 रुपए ही हैं।

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