2.33 लाख हेल्थ और फ्रंट लाइन वारियर्स को नहीं लगी पहली डोज
भोपाल
कोरोना के खात्मे की अभी तक कोई भी दवा नहीं बनाई जा सकी है। ऐसे में वैक्सीनेशन ही कोरोना से लड़ने का सबसे कारगर उपाय माना जा रहा है। दूसरी लहर में तबाही की तस्वीरों के बीच सरकार और स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मध्य प्रदेश के 2.33 लाख हेल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइनर्स को वैक्सीन की अब तक एक भी डोज नहीं लगी है।
20 प्रतिशत से ज्यादा हेल्थ वर्कर्स और फ्रंट लाइन वारियर्स वैक्सीन से दूर हैं। जिन्हें एक भी टीके नहीं लगे हैं उनमें हेल्थ के साथ पुलिस, नगर निगम, आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इन्हें अब तक वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगी है।
एक अनुमान के मुताबिक सितंबर तक देश में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। ऐसे में हेल्थ सहित तमाम फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन नहीं लगाना चिंताजनक हो सकता है। माना जा रहा है कि जिस तरह पहली लहर के मुकाबले में दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक थी उसी तरह तीसरी लहर दूसरी लहर के मुकाबले और ज्यादा कहर बरपा सकती है।

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