दिसंबर में बारिश का 11 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा... राजधानी में हाल-बेहाल
रायपुर
अंदाजा नहीं था कि दिसंबर के महीने में इस कदर बारिश हो सकती है,राजधानी में लोग घरों में दुबक कर रह गए हैं। दफ्तरों से लकर हाट बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। चक्रवाती हवाओं की वजह से छत्तीसगढ़ में मंगलवार से हो रही बारिश, दिसंबर में अब तक की सबसे भारी बारिश साबित हो रही है। सबसे अधिक बारिश रायपुर में दर्ज हुई है। यहां एक नया रिकॉर्ड बना है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड में 9 दिसंबर 2010 को 24 घंटे के दौरान रायपुर में 64.1 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड था। मंगलवार शाम से बुधवार सुबह 8.30 बजे तक ही यहां 66 मिलीमीटर पानी गिर चुका है। यह बारिश दोपहर दो बजे तक लगातार जारी हैं मतलब यह आं$कड़ा और भी आगे निकल चुका है। वहीं बारिश के आसार अब भी बने हुए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी बारिश के आंकड़़ों के मुताबिक बुधवार सुबह 8.30 बजे तक रायपुर केंद्र पर 66 मिमी पानी गिरा। वहीं माना हवाई अड्डे के पास 50 मिमी और कृषि विश्वविद्यालय के पास लाभांडी में 52 मिमी बारिश मापी गई है। बिलासपुर में 20, पेण्ड्रा में 25 और अम्बिकापुर में 22.8 और राजनांदगांव में 53 मिमी पानी गिरा है। कोरिया, जशपुर, कोरबा, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, महासमुंद, बीजापुर और धमतरी जिलों में भी सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
रायपुर, धमतरी, बालोद, रायगढ़, सूरजपुर जैसे दर्जन भर जिलों में अब भी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद, राजनांदगांव में बादलों की गरज के साथ तेज बारिश का अनुमान जताया है। एक-दो जगहों पर आकाशीय बिजली और ओला गिरने की भी आशंका जताई जा रही है। जिन क्षेत्रों में सुबह आसमान थोड़ा साफ रहा या पानी नहीं गिरा वहां घना कोहरा छा गया। आसमान साफ होने के बाद कोहरा अधिक घना होगा।

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