Tuesday, October 20th, 2026

10 प्रतिशत चल रही बसों को भी नहीं मिल रही पर्याप्त सवारी


जबलपुर। आईएसबीटी से विभिन्न 24 रूटों के लिए प्रारंभ होने वाली 650 बसों में से अब केवल 10 प्रतिशत बसों का ही संचालन हो रहा है, लेकिन उन्हे भी पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। बस आॅपरेटर एसोसिएशन के सूत्रों की मानें तो अब बहुतेरे मोटर मालिक, सप्ताह में तीन दिन ही बसों को किसी भी रूट पर भेज रहे हैं ताकि घाटा भी न लगे और डीजल तथा बस में चलने वाले स्टॉफ का खर्चा भी निकलता रहे।अब बस आॅपरेटर्स की निगाहें 1 जून से खुलने वाले लाक डाउन पर आकर टिक गई हैं। आपरेटर्स को यह उम्मीद है कि लाक डाउन खुलने के बाद फिर से जन जीवन सामान्य हो जाएगा और 45 दिनों से घरों में कैद सवारियां व व्यवसायी फिर से एक बार बसों की तरफ रुख करेंगे और उनकी रोजी रोटी फिर से चल पड़ेगी। वर्तमान में मोटर मालिकों को इस व्यवसाय में दो तरह की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। पहला यह है कि लॉकडाउन की वजह से बसों को सवारियां न के बराबर मिल रही हैं और मिल भी रहीं हैं तो एक जिले से दूसरे जिले में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। बताया जाता है कि डिंडोरी सहित ऐसे बहुत से जिले हैं जहां के डीएम द्वारा जबलपुर से आ रही बसों को अपने जिलों में प्रवेश दिए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसके चलते जिन बसों को सवारियां मिल भी रहीं हैं वे भी बस चलाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

 

Source : Agency

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