Thursday, October 22nd, 2026

'उद्धव ने मुझसे सचिन वझे की बहाली के लिए कहा था...', फडणवीस के खुलासे पर राउत का चैलेंज, 

मुंबई
एंटीलिया केस में मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि उनके सीएम रहते उद्धव ठाकरे ने फोन करके वझे की बहाली का दबाव बनाया था। विपक्ष के नेता के सनसनीखेज दावे के बाद शिवसेना भी आक्रामक हो गई है। संजय राउत ने फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सबूत हैं तो सचिन वझे के राजनीतिक आकाओं के बारे में बताइए। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि फडणवीस को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे मुंबई हतोत्साहित हो। उन्होंने मुंबई पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह के ताबदले के पीछे दबाव होने से भी इनकार किया। यही नहीं फडणवीस को चुनौती देते हुए राउत ने कहा कि अगर उनके पास सचिन वझे के कथित 'राजनीतिक संरक्षकों' के बारे में सबूत है तो उनका नाम बताएं।

'दबाव में किया कमिश्नर का तबादला'
संजय राउत ने कहा, 'अगर विपक्ष सोचता है कि यह तबादला किसी दबाव में किया गया तो वह गलत है। उद्धव ठाकरे सरकार ने किसी दबाव में तबादला नहीं किया है। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि जब तक जांच जारी है तब तक यह तबादला किया जाना चाहिए।'

परमबीर और वझे छोटे आदमी- फडणवीस
इससे पहले फडणवीस ने कहा था कि परमबीर सिंह और सचिन वझे 'छोटे आदमी' हैं और मामले को केवल उन्हें जिम्मेदार ठहराकर सुलझाया नहीं जा सकता। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि इसके पीछे कौन हैं इसकी जांच होनी चाहिए। वझे के शिवसेना नेताओं से गहरे संबंध होने का आरोप लगाते हुए फडणवीस ने कहा कि जूनियर ऑफिसर होने के बावजूद उन्हें अपराध खुफिया शाखा विभाग में अहम पद दिया गया।

'2018 में उद्धव ने वझे की बहाली के लिए कहा था'
फडणवीस ने ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या होने की आशंका जताई और आरोप लगाया कि वझे के कई शिवसेना नेताओं से गहरे संबंध थे। फडणवीस ने यह भी खुलासा किया कि साल उनके सीएम रहते साल 2018 में शिवसेना ने वझे को बहाल करने के लिए दबाव बनाया था। लेकिन उन्होंने गंभीर आरोप होने की वजह से इनकार कर दिया था।

'90 के दौर का मुंबई याद आ रहा'
फडणवीस ने कहा कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे सहित कई पार्टी नेताओं ने उनसे इस मामले में संपर्क किया। फडणवीस ने आगे कहा कि भारत के सबसे अमीर व्यक्ति के आवास के सामने सुरक्षा खतरे का खुलासा होने के बाद रहस्य गहराता जा रहा है और 1990 का दौर याद आ रहा है जब मुंबई में लोगों ने राजनीति का अपराधीकरण देखा। फडणवीस ने कहा, ‘इसके पीछे सुरक्षा खतरे से कहीं बड़ी साजिश है।’

'मनसुख हिरेन की हत्या कर दी गई'
फडणवीस ने आरोप लगाया, ‘जिलेटिन की छड़ों से भरी कार को पुलिस विभाग ने रखा और उसके बाद मनसुख हिरेन जो मामले में अहम कड़ी थे, की हत्या कर दी गई। महाराष्ट्र और मुंबई के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।’ बता दें कि अंबानी के आवास के नजदीक विस्फोटक लदी एसयूवी रखने के मामले की जांच एनआईए कर रही है जबकि हिरन के मौत मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है।

 

#Uddhav

Source : Agency

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