Wednesday, October 21st, 2026

एम्स में 155 प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया 35 अंकों पर विवाद

भोपाल
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हमेशा भर्तियों को लेकर विवाद बना रहता है। वे विवाद को और नहीं बल्कि एम्स के अफसर स्वयं ही जन्म देते हैं। ऐसा ही एक विवाद एम्स में भर्ती होने वाले 155 प्रोफेसरों को लेकर सामने आया है। इसमें भर्ती प्रक्रिया को 50 अंक से हटाकर सीधे 35 अंकों पर स्थिर कर दी है। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। ये कार्य सिलेक्शन कमेटी का होना था, लेकिन निदेशक सरमन सिंह ने अपने अधिकारों का गलत उपयोग कर ये व्यवस्था जमाई है। इससे लेकर जनरल काउसंल के सदस्यों के साथ अन्य अफसर भी नाराज बने हुए हैं।  

एम्स में 155 प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया 50 अंकों से शुरू हुई, लेकिन सिलेक्शन होते-होते चयन प्रक्रिया 35 अंकों पर आकर ठहर गई है। 15 अंकों फेरबदल ने चयन प्रक्रिया पर सवाल खडे करना शुरू कर दिए हैं। यही कारण है कि एम्स चेयरमेन के साथ अन्य सामान्य परिषद के सदस्य भर्ती प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं। वे सिलेक्शन पर हस्ताक्षर तक नहीं करना चाहते हैं, जिसके कारण अंतिम रिजल्ट जारी नहीं किए गए हैं। इसके चलते निदेशक सरमन सिंह को दिल्ली कूच करना पड रहा है, ताकि वे अध्यक्ष बायके गुप्ता को चयन प्रक्रिया से संतुष्ट कर उनसे अनुमोदन ले सकें और नियुक्ति आदेश जारी किए जा सकें।

भर्ती के 50 अंक रखे गए। इसमें सीधे 35 अंक साक्षात्कार और शेष 15 अंक तीन विधाओं के लिए तय किए गए थे। 15 अंकों में से पांच अंक टीचिंग और रिसर्च अनुभव, पांच अंक पब्लिकेशन और उनके इंपेक्ट तथा पांच रिसर्च ग्रंड के लिए निश्चित किए गए थे। भर्ती के लिए देशभर से करीब चार हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किए थे। निदेशक सिंह ने अपने चेहतों के आवेदन का परीक्षण कराया, तो सामने आया कि उन्हें 15 अंकों के अभाव में चयनित होना मुश्किल है। इसलिए उन्होंने 15 अंकों की व्यवस्था को खत्म कर दिया।

सिलेक्शन कमेटी में दो सब्जेक्ट एक्सपर्ट, सदस्यों में डॉ. एम वेंकटरैया, डॉ. विवेक एस मलिक, प्रो. नीलेश कुमार, प्रो. संजय जैन, प्रो. शिव शंकर शर्मा, डॉ. सुनील कुमार, सदस्य सचिव प्रो सरमन सिंह और सिलेक्शन कमेटी चेयरमेन डॉ. सुनील कुमार शामिल हैं।

 

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Source : Agency

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