पटना में ‘ऑटो गैंग’ का आतंक, यात्री बनकर कर रहे लूट
पटना
बिहार की राजधानी पटना में सफर करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। शहर में एक बार फिर 'ऑटो गैंग' का खौफनाक साया मंडराने लगा है। अपराधियों का यह गिरोह इतना शातिर है कि यात्री बनकर आपके बगल में बैठता है और मौका मिलते ही सबकुछ लूटकर फरार हो जाता है। पिछले एक महीने के भीतर पटना के विभिन्न इलाकों में इस गैंग ने आधा दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। खासकर रेलवे स्टेशनों के आसपास इनकी सक्रियता सबसे अधिक देखी जा रही है।
यात्री बनकर बैठते हैं लुटेरे
इस गैंग के काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है। ये लुटेरे पहले से ही ऑटो में सवारी बनकर बैठे रहते हैं। जब कोई अकेला यात्री, खासकर महिला, ऑटो में बैठती है, तो उसे भनक भी नहीं लगती कि उसके बगल में बैठा शख्स एक अपराधी है। हालिया घटना में, पटना रेलवे स्टेशन से राजाबाजार जा रही एक महिला इसका शिकार बनी। शेखपुरा फ्लाईओवर के पास पहुँचते ही बदमाशों ने ऑटो रुकवाया और महिला के गले से सोने की चेन झपटकर भाग निकले। हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात के बाद ऑटो चालक भी महिला से किराया लिए बगैर लुटेरों के पीछे या दूसरी दिशा में भाग निकलता है, जिससे ऑटो चालक की मिलीभगत की आशंका भी प्रबल हो जाती है।
रेलवे स्टेशनों के पास बना रखा है अड्डा
पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर और पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन के पास इस गैंग ने अपना जाल बिछा रखा है। बांका के एक व्यक्ति के साथ भी ऐसी ही वारदात हुई, जो इंटरमीडिएट काउंसिल में पेपर जमा करने आए थे। राजेंद्रनगर स्टेशन के पास बदमाशों ने उनका बैग लूट लिया। पुलिस का कहना है कि ये अपराधी अक्सर देर शाम या तड़के सुबह सक्रिय होते हैं, जब सड़कों पर भीड़ कम होती है। हालांकि, जक्कनपुर थाना क्षेत्र से पिछले महीने कुछ गिरफ्तारियां हुई थीं, लेकिन गैंग के नए सदस्यों ने फिर से वारदातों का सिलसिला शुरू कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खोजबीन जारी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यात्री दहशत में हैं। पिछले साल दिसंबर और इस साल जनवरी में भी यह गैंग काफी सक्रिय था। पुलिस अब स्टेशनों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे शेयरिंग ऑटो में बैठने से पहले सावधानी बरतें।

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